'जबरन करवाता था धर्म परिवर्तन', योगी सरकार ने KGMU के आरोपी डॉक्टर की कुर्की जब्त करने का दिया आदेश
यूपी पुलिस ने KGMU रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन के खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने यह सख्त एक्शन यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन और गर्भपात कराने के आरोप में लिया है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने KGMU रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस द्वारा यह एक्शन यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन और दो महिला सहकर्मियों द्वारा गर्भपात कराने के आरोप के बाद लिया गया है. वहीं आरोपी रमीजुद्दीन फिलहाल फरार है.
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि उसने और भी महिलाओं को निशाना बनाया होगा, खासकर मेडिकल बिरादरी की महिलाओं के साथ इस तरह की गंदी करतूत की गई हो. मामले पर एक्शन लेते हुए उसके एक नहीं बल्कि तीन संपत्तियों पर कुर्की की नोटिस चिपकाए गए.
इन तीन संपत्तियों पर कुर्की जब्ती की नोटिस
यूपी में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति प्रशासन काफी सख्त है. ऐसे में इस तरह के गंदी हरकतों को अंजाम देने वालों और ऐसे आरोपियों पर तुरंत एक्शन लेते हुए बुधवार को आरोपी के तीन संपत्तियों पर कुर्की जब्ती के नोटिस चिपकाए गए हैं. एक नोटिस लखनऊ के हुसैनाबाद में रमीजुद्दीन के एक फ्लैट पर लगाया गया.
इसके अलावा यूपी के पीलीभीत जिले में स्थित पैतृक घर पर नोटिस लगाए गए. इसके अलावा पुलिस ने उत्तराखंड के खटीमा में एक स्थित एक और घर पर कुर्की जब्ती के नोटिस लगाए हैं. पुलिस का मानना है कि उसने दो नहीं बल्कि और कई महिलाओं को झांसे में लिया होगा.ऐसा माना जा रहा है कि उसने तीसरी महिला डॉक्टर का जबरन धर्म परिवर्तन कराया है.
पुलिस ने क्या कहा?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक वे तीसरी महिला से जुड़े तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों की जांच की जा रही है. जिसमें कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन, यात्रा विवरण और आरोपी के साथ शैक्षणिक संबंधों की भी जांच की जा रही है. जांचकर्ताओं द्वारा इस तीसरी महिला का पता लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके.
सूत्रों ने बताया कि संबंधित महिला भी एक डॉक्टर है और माना जाता है कि वह काफी समय से रमीजुद्दीन के संपर्क में थी. पुलिस ने आरोपी डॉक्टर का पता लगाने के लिए उत्तराखंड, शाहजहांपुर (यूपी), नोएडा और दिल्ली में भी छापेमारी शुरू कर दी है. साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर एक महीने के अंदर सरेंडर नहीं किया तो उसकी सारी संपत्तियां जब्त कर लिया जाएगा.