फ्री वाई-फाई, कम्प्यूटर...यूपी के छात्रों के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, 113 गांवों में बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी

डिजिटल लाइब्रेरी में फ्री वाई-फाई, कंप्यूटर सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जरूरी किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी.

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Sagar Bhardwaj

उत्तर प्रदेश के 113 गांवों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की जाएंगी. सरकार का मकसद है कि गांव के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े. अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा शहर जाते हैं, लेकिन वहां किराया, कोचिंग और रहने का खर्च उठाना सभी के बस की बात नहीं होती. कई छात्र बीच में ही तैयारी छोड़ देते हैं. इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने गांव स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का फैसला लिया था.

लाइब्रेरी में क्या-क्या सुविधाएं होंगी

डिजिटल लाइब्रेरी में फ्री वाई-फाई, कंप्यूटर सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जरूरी किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी. छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, फॉर्म भरने और ई-लर्निंग का मौका मिलेगा.

सरकार ने इन लाइब्रेरी को 30 जनवरी तक शुरू करने की समय सीमा तय की थी. लेकिन कई जगहों पर टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी. इससे काम में देरी हुई.

लापरवाही पर कार्रवाई, अफसरों को चेतावनी

देरी को गंभीरता से लेते हुए शासन ने सख्ती दिखाई. लखनऊ के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के खिलाफ कार्रवाई की गई. इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों में हलचल बढ़ी और काम तेज करने के निर्देश दिए गए. हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त विजय विश्वास ने भी अफसरों को फटकार लगाई. उन्होंने साफ कहा कि तय समय में लाइब्रेरी शुरू की जाएं और छात्रों को सुविधा मिले.

गांवों में बदलेगा पढ़ाई का माहौल

सरकार का मानना है कि डिजिटल लाइब्रेरी से गांवों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा. छात्रों को घर के पास ही शांत जगह और जरूरी संसाधन मिलेंगे. इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और समय व पैसे दोनों की बचत होगी. अगर तय योजना के अनुसार काम पूरा हुआ, तो यह पहल गांव के युवाओं के लिए बड़ा मौका साबित हो सकती है.