वृंदावन यमुना हादसा: 2 और शव मिलने के बाद मौतों का आंकड़ा हुआ 13, किसकी लापरवाही ने ली इतनी जानें?

वृंदावन में यमुना हादसे में रविवार सुबह दो और श्रद्धालुओं के शव मिलने से मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई है. प्रशासन ने चालक और ठेकेदार पर केस दर्ज किया, जबकि जांच अभी जारी है.

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Kuldeep Sharma

वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है. पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट शुक्रवार को एक पैंटून पुल से टकराकर पलट गई थी. इसके बाद से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है. शनिवार तक 11 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि रविवार सुबह दो और लोगों के शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई. प्रशासन अब हादसे के कारणों की गहराई से जांच कर रहा है.

यमुना हादसे में बढ़ा मृतकों का आंकड़ा

रविवार सुबह यमुना नदी से दो और श्रद्धालुओं के शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. मृतकों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी ऋषभ शर्मा और डिंकी बंसल के रूप में हुई है. इससे पहले शनिवार शाम तक 11 शव निकाले जा चुके थे. इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. खास बात यह है कि डिंकी बंसल की मां का शव पहले ही बरामद हो चुका था, जिससे एक ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है. लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद अभी भी कुछ लोगों की तलाश जारी है.

हादसे की वजह और बचाव अभियान

यह दुर्घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट यमुना में नौका विहार कर रही थी. इसी दौरान नाव पैंटून पुल के पीपे से टकरा गई और संतुलन बिगड़ने से पलट गई. घटना के तुरंत बाद प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे लोगों की तलाश की जा रही है. हालांकि तेज बहाव और गहराई के कारण राहत कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. फिर भी प्रशासन का दावा है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की कोशिश

हादसे के बाद पुलिस ने मोटरबोट चालक और पैंटून पुल के ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में इन्हें जिम्मेदार मानते हुए जेल भेज दिया है. वहीं, जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है.

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पैंटून पुल का काम चल रहा था, तब सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए. साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि नाव संचालन की अनुमति कैसे दी गई. कुछ लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने से बचा जा रहा है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस हादसे के पीछे असली जिम्मेदार कौन है.