'हर बच्चे के हाथ में किताब...आंखों में सपना', विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर मुख्यमंत्री योगी का खास संदेश
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक वातावरण देने का आह्वान किया.
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें शिक्षा से जोड़ने का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि हर बच्चे के हाथ में किताब और आंखों में सपना होना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं, जो बताते हैं कि दुनिया भर में करोड़ों बच्चे आज भी बाल श्रम और खतरनाक कार्यों में लगे हुए हैं.
बच्चों के सपनों को बचाने का संदेश
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने अपने सामाजिक मंच पर लिखा कि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है. उन्होंने सभी लोगों से बाल श्रम के खिलाफ जागरूक होने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लेने की अपील की.
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समाज की भूमिका सबसे अहम
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है. बाल श्रम को समाप्त करने के लिए समाज, परिवार, स्कूल और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा. बच्चों को शिक्षा, पोषण और सुरक्षा उपलब्ध कराना ही इस समस्या का स्थायी समाधान माना जाता है. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस इसी दिशा में जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है.