यूपी पुलिस किसी न किसी खबर को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है. बरेली से एक खबर है जिसमें एक महिला अफसर ने 2 लाख रुपये के लिए खाकी को दांव पर लगा दिया. बरेली जिले के मीरगंज की क्षेत्राधिकारी दीपशिखा अहिरवन को पैसे मांगने और जबरन ट्रैक्टर सजी करने के आरोप में प्रशासन से एक्शन लेते हुए हटा दिया है. उन्हें जिला मुख्यालय भेजा गया है. उनकी जगह सीओ बहेड़ी को मीरगंज का अतिरिक्त भार दिया गया है. सीओ दीपशिखा अहिवरन पर इस लिए एक्शन लिया गया क्योंकि वह बिना खनन अधिकारी और मजिस्ट्रेट के जाए बिना कार्रवाई करने पहुंची थीं.
दीपशिखा के खिलाफ एक भट्ठा कारोबारी ने जिले के एसएसपी को लिखित शिकायत दी थी. भट्टे के मालिक का नाम सुशील चंद्रभान है. उन्होंने 13 जून को लिखित शिकायत की थी.
भट्टे के मालिक ने लिखित शिकायत में कहा कि उनके मजदूर 12 जून की दोपहर को कच्ची ईंट बनाने के लिए मिट्टी खोदकर कच्ची ईंट बनाने का काम कर रहे थे तभी वहां सीओ दीपशिखा पहुंची और उन्होंने मजदूरों को डराया धमकाया. इसके साथ ही उन्होंने 2 लाख रुपये की मांग भी की.
पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि उनके मजदूरों ने उन्हें फोन किया तो वह भट्टे पर जरूरी कागजात लेकर पहुंचे. पहुंचने पर सीओ ने कहा कि हम जेसीबी और ट्रैक्टर थाने ले जा रहे हैं. अगर तुम्हें चाहिए तो थाने आ जाना.
पीड़ित ने शिकायत पत्र में आगे लिखा कि वह जीएसटी भरता है. उसे जेसीबी चलाने के लिए सरकार से इजाजत मिली हुई है. इसके बावजूद दीपशिखा अहिवरन ने मजदूरों को डराया धमकाया.
प्रशासन की आंतरिक जांच में दीपशिखा अहिवरन दोषी पाई गईं. जांच में पाया गया कि वह खनन अधिकारी और मजिस्ट्रेट को सूचित किए बिना कार्रवाई करने पहुंची थी. ऐसा करना लापरवाही, स्वेच्छाचारिता व शासनादेश की अवहेलना है. इन आरोपों की वजह से सीओ मीरगंज दीपशिखा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया.