कौन हैं श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी? जिनसे अचानक मिलने उनके घर पहुंचे CM योगी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. देवरिया दौरे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पहुंचना अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही अगले वर्ष प्रस्तावित हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है. चुनावी तैयारियों के लिए सीमित समय बचा होने के कारण नेताओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देवरिया दौरे के दौरान हुई एक मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
देवरिया में जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर लौटते समय पूर्व सांसद और सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पहुंचे. इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे.
ब्राह्मण समाज को संदेश देने की चर्चा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं मानी जा रही. इसे ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ब्राह्मण समाज को साधने के लिए बड़े सम्मेलन की तैयारी कर रही है. विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा भी चुनाव से पहले सामाजिक संतुलन बनाए रखने और विभिन्न वर्गों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री की यह मुलाकात ब्राह्मण समाज के बीच विश्वास मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है.
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पूर्वांचल में प्रभावशाली माना जाता है त्रिपाठी परिवार
श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी का परिवार लंबे समय से पूर्वांचल की राजनीति और सामाजिक जीवन में प्रभावशाली माना जाता है. सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 1996 और 1999 में देवरिया से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीता था. उन्हें देवरिया से भाजपा का पहला सांसद बनने का गौरव भी प्राप्त है. परिवार की इसी राजनीतिक पकड़ को देखते हुए भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देवरिया सीट पर नया दांव खेला. पार्टी ने तत्कालीन सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी का टिकट काटकर शशांक मणि त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने पार्टी का भरोसा कायम रखते हुए सीट जीत ली.
भाजपा के सामने 2027 के चुनाव में देवरिया में अपना पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी. 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जिले की सभी सातों सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रचा था. इससे पहले 2017 में भी भाजपा ने सात में से छह सीटों पर जीत हासिल की थी.