संगम में बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर, बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंचा पानी; परेड मैदान में शिफ्ट होने लगे तीर्थपुरोहित

प्रयागराज में गंगा-यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर से संगम क्षेत्र में हालात बदल गए हैं. संगम की रेत अब पानी में समा चुकी है और गंगा बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंच गई है.

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Shanu Sharma

प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने संगम क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. कुछ दिन पहले तक जिस संगम की रेत पर श्रद्धालुओं की भीड़ और अस्थायी दुकानें नजर आती थीं, वहां अब नदी का पानी फैल चुका है. गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंच गया. अगर जलस्तर में बढ़ोतरी इसी गति से जारी रही तो गुरुवार को पानी मंदिर के अंदर प्रवेश कर सकता है.

गंगा के मंदिर की दहलीज तक पहुंचने की खबर फैलते ही बंधवा क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोग बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते रहे. कई श्रद्धालु गंगा के मंदिर में प्रवेश करने के संभावित दृश्य को देखने के लिए भी वहां मौजूद रहे. हालांकि रात आठ बजे तक पानी दहलीज तक ही रहा.

टोंस नदी के बढ़ते पानी से भी बढ़ी चिंता

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निखिल प्रसाद के अनुसार टोंस नदी के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हुई है. बुधवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में टोंस का पानी ढाई मीटर से अधिक बढ़ चुका था. इसके कारण छतनाग के आगे गंगा के प्रवाह पर असर पड़ा है.


अधिकारी के मुताबिक टोंस का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो फाफामऊ और छतनाग में गंगा तथा नैनी में यमुना का जलस्तर भी बढ़ सकता है. इससे कछारी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. बढ़ते पानी के कारण संगम क्षेत्र से तीर्थपुरोहितों ने अपना सामान हटाना शुरू कर दिया है. संगम क्षेत्र के छोटे दुकानदार भी अपना सामान समेटकर परेड मैदान पहुंच रहे हैं. देखते ही देखते परेड मैदान में कई नए शिविर नजर आने लगे हैं.

संगम क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित

जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रशासन ने संगम क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई है. चार पहिया वाहनों को परेड मैदान तक ही जाने की अनुमति दी जा रही है. इसके आगे चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है. बंधे की ओर केवल ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों को जाने दिया जा रहा है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने, निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने और नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है.