वृंदावन नाव हादसा: बिना लाइफ जैकेट 'मौत के सफर' पर थे श्रद्धालु, वायरल वीडियो से खुली लापरवाही की पोल

वृंदावन के केशी घाट पर यमुना नदी में एक नाव पलटने से पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि 22 अन्य को बचा लिया गया. यह हादसा पंटून पुल के तैरते ड्रम से टकराने के कारण हुआ.

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Kanhaiya Kumar Jha

मथुरा: यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन में शुक्रवार की दोपहर आस्था के सफर का अंत एक हृदयविदारक त्रासदी में हो गया. पंजाब के लुधियाना और मुक्तसर जिलों से आए 132 पर्यटकों का एक समूह धार्मिक दर्शन के लिए पहुंचा था. इनमें से 30 से अधिक लोग केशी घाट पर यमुना की लहरों का आनंद लेने के लिए नाव पर सवार हुए थे. लेकिन कुछ ही पलों में खुशियों भरी यह सैर चीख-पुकार में बदल गई और यमुना की लहरों ने 10 मासूम जिंदगियों को अपनी आगोश में ले लिया.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो इस भयानक हादसे के ठीक पहले का बताया जा रहा है . इसमें श्रद्धालु बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं और तालियां बजाते हुए 'राधे-राधे' का जयघोष कर रहे हैं. हालांकि, इस वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है क्योंकि किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी. लापरवाही की यह तस्वीर आज चर्चा का विषय बनी हुई है कि कैसे बिना सुरक्षा उपकरणों के इतनी बड़ी संख्या में लोगों को नाव पर चढ़ने दिया गया.

पंटून पुल बना काल का कारण

अधिकारियों और पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस भयावह दुर्घटना की मुख्य वजह हाल ही में हटाया गया एक पंटून पुल था. बढ़ते जलस्तर के कारण इस पुल को खोला गया था, लेकिन इसके कुछ लोहे के ड्रम पानी में ही तैर रहे थे. चश्मदीदों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण नाव डगमगाने लगी और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया. इसी दौरान नाव पानी में तैर रहे एक पंटून ड्रम से जा टकराई और पलक झपकते ही पलट गई.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया दर्द

लुधियाना निवासी 32 वर्षीय श्वेत जैन ने इस हादसे में अपनी मां को लगभग खो दिया है, जो फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं. श्वेत ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि मरम्मत वाले क्षेत्र में नावों को जाने की अनुमति क्यों दी गई. उन्होंने बताया कि नदी में लोहे का ढांचा तैर रहा था और नाविक ने उसे अपनी नाव से धकेलने की कोशिश की, जिससे संतुलन बिगड़ गया. हादसे के तुरंत बाद कोई सरकारी मदद भी मौके पर नहीं पहुंच सकी थी.

बचाव कार्य और पंजाब में मातम

नाव पलटने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने हिम्मत दिखाई और 22 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया. मृतकों में अधिकांश लोग लुधियाना के जगराओं कस्बे के रहने वाले थे. यह समूह दो बसों में सवार होकर वृंदावन आया था. इस खबर के बाद पंजाब के जगराओं और मुक्तसर में शोक की लहर दौड़ गई है. हंसते-खेलते तीर्थयात्रा पर निकले परिवारों के लिए यह शुक्रवार कभी न भूलने वाला काला दिन साबित हुआ.