वृन्दावन में बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा को लेकर बड़ी मॉक ड्रिल, NSG कमांडो रहे मुस्तैद
यूपी के वृन्दावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मॉक ड्रिल कराई गई. यह मॉक ड्रिल आतंकवादी सूचना के मद्देनजर प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट पर रहने के लिए कराया गया है.
वृन्दावन: यूपी के वृन्दावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में आतंकवादी सूचना के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया. सुरक्षा व्यवस्था को परखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी के तहत मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में देर रात विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. यह मॉक ड्रिल पहली बार बांके बिहारी मंदिर में कराई गई, जिसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
मॉक ड्रिल बुधवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई, जो गुरुवार तड़के 3 बजे तक चली. इस दौरान 150 से अधिक NSG कमांडो, स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टरों की टीम और फायर ब्रिगेड के जवान मौके पर मौजूद रहे. अभ्यास के दौरान मंदिर और उसके आसपास के इलाके को पूरी तरह NSG कमांडो ने अपने नियंत्रण में ले लिया. सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए ब्लैकआउट भी किया गया.
आतंकवादी हमले की काल्पनिक स्थिति में कराई मॉक ड्रिल:
मॉक ड्रिल में आतंकवादी हमले की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें यह अभ्यास किया गया कि ऐसी परिस्थिति में मौके को कैसे सुरक्षित किया जाए, आतंकियों से किस तरह निपटा जाए और आम श्रद्धालुओं की जान कैसे बचाई जाए. ड्रिल के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने और आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने का भी अभ्यास किया गया.
खतरे की स्थिति से निपटने के लिए कराई गई ड्रिल:
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना और किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखना था. खास बात यह है कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत वृन्दावन में सात दिवसीय प्रवास पर हैं. उनकी अध्यक्षता में केशव धाम में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है.
इन्हीं सुरक्षा कारणों को देखते हुए बांके बिहारी मंदिर और वृन्दावन क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी ऐसे अभ्यास किए जाते रहेंगे.