बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं पर टूटी आफत, अचानक मची चीख पुकार

वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर के पास जर्जर छज्जा गिरने से कई श्रद्धालु घायल हो गए. हादसे के बाद मंदिर क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. घटना ने एक बार फिर मंदिर क्षेत्र में जर्जर भवनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Babli Rautela

वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार की शाम एक दर्दनाक अनुभव लेकर आई. अचानक हुए हादसे ने मंदिर क्षेत्र में अफरा तफरी मचा दी. जर्जर छज्जा गिरने से कई श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई. स्थानीय लोगों, पुलिस और राहत कर्मियों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया. घटना के बाद मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर भवनों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.

जन्मदिन मनाने आए श्रद्धालु भी हादसे का शिकार

अलीगढ़ निवासी लक्ष्मीनारायण अपने परिवार के साथ बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने और जन्मदिन मनाने वृंदावन आए थे. दर्शन के बाद वह अपने परिचित के घर पर बैठे हुए थे. इसी दौरान तेज आंधी शुरू हुई और वह बाहर मौसम देखने निकल गए. कुछ ही क्षण बाद तेज आवाज सुनाई दी और आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई. परिजनों ने बाहर आकर देखा तो लक्ष्मीनारायण गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़े थे. उनके सिर से खून बह रहा था. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.

घायल बेटे को सीने से लगाकर रोता रहा पिता

हादसे में आगरा निवासी विजय और उनका पांच वर्षीय बेटा रुद्रांश भी घायल हो गए. बच्चे के सिर में चोट लगने के बाद पिता ने अपनी परवाह किए बिना पहले बेटे को संभाला. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रुद्रांश दर्द से रो रहा था जबकि पिता की आंखों से आंसू निकल रहे थे. अस्पताल पहुंचने तक बच्चा अपने पिता से चिपका रहा. प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को आगे इलाज के लिए आगरा ले जाया गया.


राजस्थान के सवाई माधोपुर से दर्शन करने आई चंचल प्रजापति और उनकी मां जानकी देवी भी हादसे की चपेट में आ गईं. परिजनों के अनुसार दोनों को चोटें आई हैं लेकिन उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. हादसे के समय मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी चुनौती सामने आई.

जर्जर भवन बने श्रद्धालुओं के लिए खतरा

वृंदावन की संकरी गलियां और वर्षों पुराने भवन लंबे समय से चिंता का विषय बने हुए हैं. मंदिर क्षेत्र में कई इमारतों की हालत खराब बताई जाती है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई नहीं करते, जिससे खतरा लगातार बना रहता है. मंगलवार की घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की हकीकत सामने ला दी है. वर्ष 2023 में भी इसी तरह के हादसे में कई श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जिसके बाद व्यापक कार्रवाई के दावे किए गए थे.