बागपत एनकाउंटर में ढेर हुआ सुनील मूंछ गैंग का शार्प शूटर, 38 संगीन मामलों का था आरोपी
बागपत में मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी मुठभेड़ में मारा गया. वह कई संगीन मामलों में वांछित था और उस पर 38 मुकदमे दर्ज थे.
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शनिवार को मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी को मुठभेड़ में मार गिराया. पुलिस के अनुसार वह कुख्यात सुनील मूंछ गिरोह का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था. उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और अपहरण समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज थे. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके पास से हथियार और बाइक भी बरामद की.
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के अनुसार शामली के भभीसा गांव निवासी विपुल की लोकेशन बागपत के सैड़भर गांव के खेतों में मिली थी. इसके बाद मेरठ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की. पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देख आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा.
अस्पताल पहुंचने से पहले खत्म हुई जिंदगी
मुठभेड़ में घायल होने के बाद पुलिस उसे पहले पिलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची. वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने घटनास्थल से दो .32 बोर पिस्टल, कारतूस के कई खोखे और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की. बरामद सामान को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है.
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सुनील मूंछ गैंग का सक्रिय शार्प शूटर था विपुल
पुलिस के मुताबिक विपुल उर्फ खूनी कुख्यात सुनील मूंछ गिरोह का सक्रिय सदस्य था. उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 38 मुकदमे दर्ज थे. वर्ष 2014 में भभीसा गांव के पवन हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था. इस मामले में वह जमानत पर बाहर था, लेकिन अदालत में लगातार पेश नहीं हो रहा था.
कई चर्चित वारदातों में रहा नाम
जांच के अनुसार विपुल पर वर्ष 2014 में एलम क्षेत्र में भीम नामक व्यक्ति की हत्या का भी आरोप था. इसके अलावा वर्ष 2017 में उसने सहारनपुर के मानपुर गांव में वाहन लूट की घटना को अंजाम देने और बाद में पुलिस मुखबिरी के शक में तत्कालीन ग्राम प्रधान की हत्या करने का भी आरोप झेला. बागपत और आसपास के जिलों में भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है.
50 हजार का इनामी था आरोपी
पुलिस ने बताया कि अदालत से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी विपुल फरार चल रहा था. एक अन्य मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. पुलिस का कहना है कि उसकी मौत के साथ कई लंबे समय से लंबित मामलों की जांच को नई दिशा मिलेगी और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में भी पड़ताल जारी रहेगी.