'पैदल चलने वाले से बन गया SUV का मालिक', 14 साल बाद इस युवक ने हमेशा के लिए छोड़ा नोएडा, लोगों को रुला रहा वीडियो
नोएडा में 14 साल बिताने के बाद एक युवक का अपने गृह नगर कानपुर लौटने का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. यह वीडियो बड़े शहरों के अकेलेपन को बयां करता है.
नोएडा: महानगरों की चकाचौंध, करियर की अंधी दौड़ और इसके पीछे छिपे एक गहरे अकेलेपन की कहानी बयां करता एक वीडियो इस समय इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. नोएडा में अपनी जिंदगी के बेहद महत्वपूर्ण 14 साल गुजारने के बाद एक युवक ने जब हमेशा के लिए शहर छोड़ने का फैसला किया, तो उसका दर्द एक वीडियो के जरिए छलक पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने बड़े शहरों में रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे लाखों प्रवासियों को भावुक कर दिया है और लोग खुद को इस वीडियो से जोड़कर देख रहे हैं.
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर विभु त्रिवेदी नामक यूजर ने खुद साझा किया है. विभु ने बहुत ही भावुक अंदाज में दुनिया को बताया कि वह अब हमेशा-हमेशा के लिए नोएडा को अलविदा कह रहे हैं और अपने घर कानपुर वापस लौट रहे हैं. उन्होंने वीडियो में स्वीकार किया कि इतने सालों तक जिस शहर में रहे, उसे अचानक छोड़ देने का यह कठिन फैसला उनके दिल में एक साथ बेहद खुशी और गहरा दुख दोनों लेकर आया है.
पैदल चलने से एसयूवी के मालिक बनने तक
विभु ने साल 2012 के उन दिनों को याद किया जब वह पहली बार आंखों में सपने लेकर नोएडा आए थे. उस समय उन्हें यह भी मालूम नहीं था कि उन्हें कोई नौकरी मिलेगी भी या नहीं. लेकिन इसी शहर ने उन्हें एक नई पहचान और शानदार करियर दिया. उन्होंने एक बेहद मामूली जूनियर ग्राफिक डिजाइनर के रूप में अपना काम शुरू किया था और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर बाद में वे कंपनी के क्रिएटिव हेड के ऊंचे पद तक पहुंच गए थे.
अपनी जिंदगी के आर्थिक और सामाजिक बदलावों का जिक्र करते हुए विभु ने बताया कि एक दौर ऐसा था जब तंगहाली के कारण वह हर जगह पैदल ही जाया करते थे. लेकिन कामयाबी मिलने के बाद वे एक शानदार एसयूवी (SUV) गाड़ी के मालिक बन गए. इतना ही नहीं, करियर के शुरुआती दिनों में वे जिन बड़े-बड़े होर्डिंग्स को खुद कंप्यूटर पर बैठकर डिजाइन किया करते थे, एक वक्त ऐसा भी आया जब वे खुद उन्हीं नामचीन होर्डिंग्स पर एक सफल चेहरे के रूप में नजर आने लगे.
फालूदा वाले ने बदली पूरी सोच
करियर में ऊंचाइयां छूने के बाद भी विभु अंदर से खुद को बेहद अकेला और खोया हुआ महसूस करने लगे थे. उन्होंने बताया कि एक दिन उन्होंने सड़क पर फालूदा बेचने वाले एक आम शख्स से पूछा कि अगर वह अचानक बहुत अमीर हो जाए तो क्या करेगा. उस गरीब दुकानदार ने बिना सोचे तुरंत जवाब दिया कि वह सबसे पहले अपना सारा काम समेटकर अपने गांव लौट जाएगा. फालूदा वाले के इसी सीधे जवाब ने विभु की पूरी सोच और जिंदगी के मायने बदलकर रख दिए.
इंटरनेट पर छलका प्रवासियों का दर्द
विभु ने लिखा कि पैसा और गाड़ी सब कुछ नहीं होते, आखिर में इंसान सुकून और अपनों की ही तलाश करता है. उनके इस वीडियो पर अब देश भर के नौकरीपेशा लोग अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. दिल्ली में रहने वाले एक यूजर ने बेहद भावुक होकर लिखा कि वह साल 2015 में घर से निकले थे, लेकिन आज तक सिर्फ मकान का किराया भरने और पेट पालने में ही जिंदगी बीत रही है. लोग अब इसे बड़े शहरों का एक ऐसा मायाजाल बता रहे हैं जिसमें हर कोई फंसा हुआ है.
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