वाराणसी के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! रेलवे बोर्ड ने दी नई रेल लाइन को मंजूरी, जाम से मिलेगी राहत

वाराणसी में रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रेलवे बोर्ड ने जिवनाथपुर और व्यास नगर रेलवे स्टेशन के बीच नई रेल लाइन बिछाने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है. इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और लंबे समय से बनी रेल ट्रैफिक की समस्या कम होगी.

AI
Babli Rautela

वाराणसी के रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेल के जिवनाथपुर और उत्तर रेलवे के व्यास नगर रेलवे स्टेशन के बीच नई रेल लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दे दी है. फिलहाल इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे कराया जाएगा. इसके बाद निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा. इस नई रेल लाइन के बनने से ट्रेनों की आवाजाही पहले से अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है.

डेढ़ किलोमीटर की नई रेल लाइन से मिलेगा बड़ा फायदा

रेलवे बोर्ड की मंजूरी के अनुसार दोनों रेलवे जोन के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी. वर्तमान में इसी हिस्से में केवल एक रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है. कई बार ट्रेनों को सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है, जिससे पूरा रेल मार्ग प्रभावित हो जाता है. नई लाइन बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी.

अभी एक ट्रेन गुजरते ही जाम हो जाता है पूरा ट्रैक

मौजूदा व्यवस्था में व्यास नगर और जिवनाथपुर रेलवे स्टेशन के बीच जब एक ट्रेन गुजरती है तो करीब 10 किलोमीटर का पूरा रेल ट्रैक व्यस्त हो जाता है. जब तक पहली ट्रेन इस हिस्से को पार नहीं कर लेती, तब तक दूसरी ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलती. इसी वजह से कई यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों को देरी का सामना करना पड़ता है. नई रेल लाइन बनने के बाद दोनों स्टेशनों से एक साथ ट्रेनों का संचालन संभव होगा. इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और रेल परिचालन अधिक सुचारु हो जाएगा.


महानगरी और वंदे भारत जैसी ट्रेनों को मिलेगा लाभ

इस मार्ग से मुंबई जाने वाली महत्वपूर्ण महानगरी एक्सप्रेस और खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें गुजरती हैं. नई लाइन बनने के बाद इन ट्रेनों का संचालन और अधिक तेज होगा. इसके अलावा अन्य यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के लिए भी यह मार्ग अधिक सुविधाजनक बन जाएगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि दोहरी रेल लाइन बनने से भविष्य में इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का रास्ता भी आसान होगा.

रेल प्रशासन ने इस परियोजना के तहत परिचालन व्यवस्था में भी बदलाव की योजना बनाई है. मौजूदा ब्लाक हट बी को समाप्त कर ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन सीधे व्यास नगर रेलवे स्टेशन से नियंत्रित किया जाएगा. फाइनल लोकेशन सर्वे के दौरान भी इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नई रेल लाइन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. हालांकि अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा.