लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब किसान बिना ऑनलाइन पंजीकरण के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं. यह फैसला उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जो तकनीकी या अन्य कारणों से पंजीकरण नहीं करा पाए थे. सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो.
मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद अब किसानों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा. पहले ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी था, जिससे कई किसान वंचित रह जाते थे. अब सीधे केंद्र पर जाकर गेहूं बेचने की सुविधा मिलने से किसानों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे.
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस नई व्यवस्था को तुरंत लागू किया जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. प्रशासन को पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है.
मुख्यमंत्री ने गर्मी को देखते हुए खरीद केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. पीने का पानी, पंखे, छाया और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. इससे किसानों को लंबी कतारों में खड़े रहने के दौरान राहत मिलेगी.
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार 20 अप्रैल तक 2.38 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है. करीब 42 हजार से ज्यादा किसानों ने अपनी उपज बेची है. राज्यभर में 5400 से अधिक खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जहां खरीद प्रक्रिया जारी है.
पहले किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया अनिवार्य थी, जिससे कई किसानों को परेशानी होती थी. तकनीकी दिक्कतों या जानकारी के अभाव में वे पंजीकरण नहीं करा पाते थे. इसी वजह से सरकार ने नियमों में ढील दी है, ताकि हर किसान अपनी फसल आसानी से बेच सके.