बरेली में 5 करोड़ से बनेगा खास सेंटर, लोक कला से लेकर खान पान तक सब कुछ होगा एक जगह
उत्तर प्रदेश में पर्यटन और क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बरेली समेत पांच शहरों में परंपरा सेंटर बनाए जाएंगे. बरेली में इसके लिए 5 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा गया है और दो एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है.
उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की अलग अलग क्षेत्रीय परंपराओं को नई पहचान देने की तैयारी तेज हो गई है. योगी सरकार प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में परंपरा सेंटर स्थापित कराने जा रही है. इनमें बरेली, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और चित्रकूट शामिल हैं. इन सेंटरों में संबंधित क्षेत्रों की लोक कला, संस्कृति, खान पान, पहनावा और स्थानीय उत्पादों को एक ही जगह पर संरक्षित किया जाएगा. बरेली में इस परियोजना के लिए पर्यटन विभाग ने करीब 5 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया है. अब सेंटर के लिए करीब दो एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है.
एक छत के नीचे दिखेगी पूरे मंडल की संस्कृति
परंपरा सेंटर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की पुरानी परंपराओं और लोक संस्कृति को सुरक्षित रखना है. बरेली में बनने वाले सेंटर में पूरे मंडल की सांस्कृतिक विरासत को जगह देने की योजना है. बरेली के साथ पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं की अलग अलग लोक परंपराओं, रहन सहन, खान पान और धार्मिक महत्व से जुड़ी चीजों को भी यहां प्रदर्शित किया जाएगा. इसके अलावा एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत आने वाले प्रमुख स्थानीय उत्पादों को भी सेंटर में जगह दी जाएगी. इससे पर्यटकों को अलग अलग स्थानों पर जाने के बजाय एक ही जगह पर पूरे क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा.
लोक कलाकारों के लिए बनेगा सांस्कृतिक हाल
परंपरा सेंटर को केवल प्रदर्शनी स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा. यहां लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक हाल बनाने की भी योजना है. इस हाल में स्थानीय लोक कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा. नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोक संगीत, लोक कला और क्षेत्रीय परंपराओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. इस पहल से स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक स्थायी मंच मिलने की उम्मीद है. साथ ही पर्यटकों को क्षेत्र की वास्तविक संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिलेगा.
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चौबारी में जमीन की तलाश तेज
बरेली में परंपरा सेंटर की स्थापना के लिए चौबारी में रामगंगा नदी के किनारे जमीन की संभावना तलाशी जा रही है. परियोजना के लिए करीब दो एकड़ जमीन की जरूरत है. चौबारी को संभावित स्थान के तौर पर इसलिए देखा जा रहा है क्योंकि इस क्षेत्र से पर्यटकों की आवाजाही काफी रहती है. प्रस्तावित सेंटर का जुड़ाव नाथ कॉरिडोर, मनौना धाम और कछला गंगा घाट की ओर जाने वाले पर्यटन मार्ग से भी बताया जा रहा है. जमीन का चयन होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके बाद सर्वे कराया जाएगा और सेंटर का डिजाइन तैयार किया जाएगा.
धार्मिक और ईको पर्यटन को भी मिलेगा फायदा
बरेली में पहले से ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नाथ कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है. इसके अलावा ईको पर्यटन के तहत नगर वन और लीलौर झील को भी विकसित कराया जा रहा है. ऐसे में परंपरा सेंटर को इन पर्यटन स्थलों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. इससे बरेली आने वाले पर्यटकों के लिए घूमने के विकल्प बढ़ सकते हैं और शहर की क्षेत्रीय संस्कृति को भी पर्यटन से जोड़ा जा सकेगा.
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना में बरेली के अलावा अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और चित्रकूट को भी शामिल किया गया है. इन सभी जगहों पर क्षेत्रीय संस्कृति को संरक्षित करने के साथ पर्यटन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. पर्यटन विभाग के मुताबिक, बरेली मंडल की लोक संस्कृति, प्राचीन परंपराओं, पहनावे और खान पान को एक ही जगह संरक्षित करने के लिए यह सेंटर विकसित किया जाएगा. परियोजना का एस्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है और सरकारी जमीन की तलाश जिला प्रशासन के स्तर पर जारी है.