IPL 2026

RR vs DC: दिल्ली ने राजस्थान को उसके ही घर में चटाई धूल, 7 विकेट से दर्ज की धमाकेदार जीत

IPL 2026 के 43वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया है. दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए थे.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 में शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर रहा. दिल्ली ने 226 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल कर टूर्नामेंट में अपनी अब तक की सबसे बड़ी रनचेज दर्ज की. मैच में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला, जहां पहले राजस्थान ने विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन दिल्ली के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया.

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही. शुरुआती झटकों के बाद कप्तान रियान पराग और ध्रुव जुरैल ने पारी को संभाला. दोनों के बीच शानदार शतकीय साझेदारी हुई. पराग ने 90 रन बनाए, जबकि जुरैल ने 42 रनों का योगदान दिया. अंत में डोनावन फरेरा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को 225 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया.

दिल्ली की मजबूत शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत बेहद शानदार रही. केएल राहुल और पथुम निसांका ने पहले विकेट के लिए तेजी से रन जोड़े. दोनों ने शुरुआती ओवरों में ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. कुछ ही ओवरों में टीम का स्कोर तेजी से बढ़ा और साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया.

मध्यक्रम का अहम योगदान

निसंका के आउट होने के बाद भी दिल्ली की गति धीमी नहीं हुई. नीतीश राणा ने तेज 33 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में रखा. इसके बाद केएल राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए 75 रन बनाए. उनके आउट होने के बावजूद टीम का आत्मविश्वास बरकरार रहा और जीत की उम्मीद मजबूत बनी रही.

फिनिशर्स ने दिलाई जीत

अंतिम ओवरों में ट्रिस्टन स्टब्स और आशुतोष शर्मा ने जिम्मेदारी संभाली. दोनों ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. बिना किसी दबाव के उन्होंने मैच को खत्म किया और दिल्ली को शानदार जीत दिलाई. यह जीत टीम के लिए ऐतिहासिक साबित हुई.

राजस्थान की गेंदबाजी रही फीकी

इतने बड़े स्कोर के बावजूद राजस्थान की गेंदबाजी प्रभावी नहीं दिखी. टीम को बीच-बीच में विकेट जरूर मिले, लेकिन वे मैच का रुख बदलने के लिए काफी नहीं थे. गेंदबाजों की असफलता के कारण दिल्ली के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया.