पशुपालकों की किस्मत बदलने वाला ऐतिहासिक मौका, 17 जून को उत्तर प्रदेश में पहली बार लाइव स्टॉक कॉन्क्लेव; जानें प्रदेश के लिए क्यों है खास
यूपी के उन लाखों परिवारों के लिए जो भेड़-बकरी और सूकर पालन कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं, 17 जून का दिन बेहद खास होने वाला है.
यूपी के उन लाखों परिवारों के लिए जो भेड़-बकरी और सूकर पालन कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं, 17 जून का दिन बेहद खास होने वाला है. पशुपालन विभाग दो दिवसीय ‘यूपी लाइव स्टॉक कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कर रहा है. बुधवार को पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह और राज्यमंत्री कृष्णा पासवान इसकी शुरुआत करेंगे. यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि छोटे पशुपालकों की आवाज को मजबूत करने और उनके भविष्य को संवारने का मौका है. यहां वैज्ञानिक तरीके, बाजार के नए अवसर और सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ा जाएगा.
मुख्य उद्देश्य और मंच
निदेशक पशुपालन डॉ. मेमपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में यह पहला ऐसा कॉन्क्लेव है. इसका मकसद भेड़, बकरी व सूकर पालन करने वाले हितधारकों को एक छत के नीचे लाना है. यहां वैज्ञानिक तकनीक, नवीन शोध, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन की रणनीति बनाई जाएगी. पशुपालक सीधे विशेषज्ञों से सवाल-जवाब कर सकेंगे.
कार्यक्रम की खास बातें
दो दिनों में वैज्ञानिक व तकनीकी सत्र, पशुपालक-उद्यमी संवाद, स्टार्टअप प्रस्तुतियां, उद्योग प्रदर्शनी और वित्तीय निवेश पर चर्चा होगी. सफल पशुपालक अपने अनुभव साझा करेंगे. प्रशिक्षण सत्रों के जरिए क्षमता विकास पर जोर रहेगा. यह आयोजन पशुपालन को सिर्फ पारंपरिक काम नहीं, बल्कि लाभदायक उद्यम बनाने की दिशा में काम करेगा.
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कौन-कौन शामिल होंगे?
देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थान, कृषि व पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, उद्योग जगत, स्टार्टअप कंपनियां, बैंक और स्वयं सहायता समूह इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. प्रगतिशील पशुपालक भी अपने अनुभव बताएंगे. यह मंच छोटे स्तर के पशुपालन को बड़े स्तर पर ले जाने का पुल साबित होगा.
रोजगार और आय का नया रोडमैप
इस कॉन्क्लेव में लघु पशुपालन क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन, उद्यमिता और किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा होगी. जो किसान अब तक सीमित संसाधनों में संघर्ष कर रहे थे, उन्हें नई दिशा और विश्वास मिलेगा. 17 जून से शुरू यह आयोजन यूपी के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.