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यूपी पुलिस भर्ती: 24% अभ्यर्थी परीक्षा से गायब, नकली दस्तावेज लेकर आए 5 गिरफ्तार; 12 पर केस दर्ज

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा तीन दिनों तक चली, लेकिन कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग चौबीस प्रतिशत परीक्षा देने ही नहीं आए. कई अभ्यर्थी नकली दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार भी हुए हैं.

ANI
Reepu Kumari

उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती की परीक्षा इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है. तीन दिनों तक चली इस परीक्षा में कुल 28 लाख से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया था, लेकिन जब असली मौका आया तो करीब 24 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा हॉल तक नहीं पहुंचे. यह आंकड़ा युवाओं की तैयारी, उम्मीदों और भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है.

पुलिस भर्ती बोर्ड के अनुसार, 8, 9 और 10 जून को दो-दो पालियों में परीक्षा हुई. 1183 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई, लेकिन कुछ युवाओं ने फर्जी तरीकों से सफल होने की कोशिश की. अब तक 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. 

परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी

भर्ती बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक कुल 21,92,236 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. यह कुल आवेदकों का 75.94 प्रतिशत है. बुधवार को तीसरे दिन भी सभी जिलों में परीक्षा सकुशल संपन्न हुई. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और कोई बड़ी घटना नहीं घटी. युवा सुबह से ही केंद्रों पर पहुंच रहे थे.


फर्जी अभ्यर्थियों पर कार्रवाई

तीसरे दिन कानपुर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, झांसी और अलीगढ़ में पांच फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए. इनमें अंकित कुमार, नागेश कुमार, अंकित, मुकेश कुमार और सुमित कुमार बघेल शामिल हैं. सभी ने कूटरचित आधार कार्ड या दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने की कोशिश की. बायोमेट्रिक जांच में सब पकड़े गए.

कैसे पकड़े गए आरोपी

गौतमबुद्धनगर के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में अंकित कुमार का ई-केवाईसी मिसमैच हुआ. अलीगढ़ में लोकेश की जगह परीक्षा देने पहुंचे अंकित को बायोमेट्रिक जांच ने पकड़ा. सहारनपुर और झांसी में भी इसी तरह बायोमेट्रिक मिसमैच से फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार हुए. सभी पर यूपी सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर भी कार्रवाई हुई. यूट्यूबर शुभम मित्तल समेत इंस्टाग्राम यूजर्स reshami68yadav, durgeshsaxena94 और कुछ अन्य पर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. आजमगढ़ में भी दो मामले दर्ज हुए. बोर्ड के व्हाट्सएप नंबर पर शिकायतें मिलने के बाद एक्शन लिया गया.

आवेदनों में पुरुष-महिला अनुपात

कुल 28,86,798 आवेदनों में पुरुषों की संख्या 19,62,561 (67.99 प्रतिशत) रही जबकि महिलाएं 9,24,237 (32.01 प्रतिशत) थीं. इस बार महिला उम्मीदवारों की अच्छी संख्या देखी गई, जो भर्ती प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव दर्शाती है. हालांकि कई युवा अंतिम समय में परीक्षा से दूर रह गए.

भर्ती प्रक्रिया पर नजर

पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड अब सभी मामलों की जांच कर रहा है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है. बोर्ड ने साफ कहा है कि गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सच्चे और मेहनती युवाओं को मौका मिल सके.