मोहर्रम से पहले यूपी में सख्त अलर्ट, जुलूस से लेकर सोशल मीडिया तक सब पर निगरानी; माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस की पैनी नजर

मोहर्रम को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जुलूस केवल तय मार्गों और पुरानी परंपराओं के अनुसार ही निकाले जाएंगे.

Grok
Reepu Kumari

मोहर्रम के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि त्योहार के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा. इसी क्रम में अधिकारियों ने विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर चर्चा की. मोहर्रम की पहली तारीख 17 जून को होने की संभावना है.

मेरठ में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया. अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्यक्रम निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आयोजित होंगे.

तय मार्गों और परंपराओं के अनुसार निकलेंगे जुलूस

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मोहर्रम के सभी जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों पर ही निकाले जाएंगे. किसी नए रूट या नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही तय मानकों से अधिक ऊंचाई वाले ताजियों पर भी रोक रहेगी. अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था सुरक्षा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखकर की गई है.


सोशल मीडिया पर भी रहेगी विशेष निगरानी

पुलिस ने असामाजिक तत्वों की पहचान कर निगरानी शुरू कर दी है. सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने या सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नजर रखी जा सके.

हथियार प्रदर्शन और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक

अधिकारियों ने कहा कि जुलूसों में तलवार, भाले या किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी. साथ ही आपत्तिजनक पोस्टर, बैनर और पर्चों पर भी सख्ती बरती जाएगी. प्रिंटिंग प्रेसों का सत्यापन कराया जा रहा है और भड़काऊ सामग्री की छपाई पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी

मोहर्रम कमेटी के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से जुलूसों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बिजली, पानी और सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ तैनात रहेगी. ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जाएगी ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें.