यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम प्रधानों के बाद अब ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का बढ़ सकता है कार्यकाल
उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी में है. पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना है. सरकार मौजूदा जनप्रतिनिधियों को ही प्रशासक नियुक्त कर सकती है.
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद सरकार ने ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. बता दें कि ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को पूरा होने वाला है और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई को पूरा हो जाएगा. हालांकि अब तक समय से चुनाव न हो पाने पर ब्लॉक प्रमुख के स्थान पर प्रशासक के रूप में एसडीएम जिम्मेदारी संभालते रहे हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी डीएम के पास चली जाती है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस बार सरकार मौजूदा ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी में है.
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी क्यों?
दरअसल अब यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद ही होने की उम्मीद है. उसकी वजह है कि सरकार ने हाल में ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण तय करने हेतु डैडीकेटेड ओबीसी कमीशन का गठन किया है. कमीशन रैपिड सर्वे के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा, जिसमें करीब छह माह का समय लग सकता है. उसके बाद सरकार उस रिपोर्ट पर काम करेगी और फिर आरक्षण रोस्टर जारी किया जाएगा, आपत्ति निस्तारण होने के बाद राज्य चुनाव आयोग का काम शुरू होगा. ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने की उम्मीद नहीं है.
कार्यकाल क्यों बढ़ाना चाहती है सरकार
जानकारों का कहना है कि सरकार मौजूदा ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त करने के पीछे मान रही है कि इससे पंचायती राज संस्थाओं के विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे. अधिकारियों की नियुक्ति से लोगों में इस बात की नाराजगी रहती है कि जनप्रतिनिधित्व की अनदेखी की जा रही है. जनप्रतिनिधि संबंधित क्षेत्र की जरूरतें ज्यादा अच्छे तरीके से समझ सकते हैं.