UP में सिंगापुर मॉडल पर बनेगा रोजगार जोन, हर साल 10 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी
यूपी औद्योगिक क्षेत्र परियोजना के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र सिंगापुर मॉडल पर बनेगा. सीएम योगी आदित्यनाथ की इस महापरियोजना से हर साल 10 लाख युवाओं को नौकरी मिलेगी.
लखनऊ: यूपी औद्योगिक क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर मॉडल पर आधारित देश के सबसे बड़े एकीकृत रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र यानी सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं. इस महापरियोजना का लक्ष्य प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा है. इस बदलते तकनीकी युग में राज्य को ऐसे संस्थागत ढांचे की जरूरत है जो उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुसार कुशल मानवशक्ति तैयार करे.
हब एंड स्पोक मॉडल से जुड़ेंगे सभी जिले
सिंगापुर की प्राविधिक शिक्षा संस्था के मॉडल पर विकसित यह जोन युवाओं को एक ही परिसर में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र, विदेशी भाषा शिक्षा और सीधे बड़ी कंपनियों में नियुक्ति की गारंटी देगा. इस महापरियोजना को पूरे प्रदेश में संचालित करने के लिए हब एंड स्पोक प्रणाली का खाका तैयार किया गया है.
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प्रदेश में 9 बड़े क्षेत्रीय केंद्र बनाए जाएंगे जहां उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, शोध, नवाचार और नियुक्ति व कैरियर परामर्श सेवाएं संचालित होंगी. इन मुख्य केंद्रों से जुड़े उपकेंद्र जिला और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर युवाओं को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण देंगे. परियोजना के प्रथम चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर में कुल 369 एकड़ भूमि उपलब्ध हो चुकी है. अन्य जिलों में भी भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है.
एक ही परिसर में मिलेंगी ये सुविधाएं
इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए सिंगापुर की प्रतिष्ठित प्राविधिक शिक्षा संस्था और उसकी वैश्विक शाखा का सहयोग लिया जा रहा है. यह संस्था पाठ्यक्रम विकास, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और अत्याधुनिक अवसंरचना निर्माण में तकनीकी सहयोग दे रही है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए. इस योजना के माध्यम से तैयार औद्योगिक शेड में कंपनियां सीधे मशीनें लगाकर काम शुरू कर सकती हैं. इसके अलावा विदेशों में नौकरी की राह आसान करने के लिए विशेष विदेशी भाषा प्रशिक्षण दिया जाएगा.