छात्रों के लिए खुशखबरी, चुनाव से पहले युवाओं पर मेहरबान योगी सरकार; आज इन अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में 25 लाख छात्रों को लैपटॉप-स्मार्टफोन, शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी और बस अड्डों के आधुनिकीकरण जैसे कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है.
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक अहम कैबिनेट बैठक मंगलवार सुबह 10:30 बजे लोक भवन में होगी. आगामी चुनावों को देखते हुए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें छात्रों, शिक्षामित्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है.
सरकार का मुख्य जोर युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण और उन शिक्षाकर्मियों को राहत देने पर है जो लंबे समय से अपना मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. आज योगी कैबिनेट 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के अगले चरण को हरी झंडी दे सकती है.
किन छात्रों को मिलेगा लैपटॉप और स्मार्टफोन?
इस प्रस्ताव के तहत राज्य भर में लगभग 25 लाख युवाओं को लैपटॉप और स्मार्टफोन बांटने का रास्ता साफ हो जाएगा. ये वे युवा हैं जो ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन या टेक्निकल शिक्षा हासिल कर रहे हैं.
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बैठक के दौरान GeM यानी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के जरिए खरीद से जुड़ी शर्तें और नियम जिनमें बोली की अंतिम शर्तें भी शामिल हैं.उनको मंजूरी मिलने की संभावना है. सरकार ने इस पहल के लिए पहले ही एक बड़ा बजट आवंटित कर दिया है, जिसका मकसद युवाओं को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है.
संशोधित मानदेय कब से होगा लागू?
बैठक का दूसरा मुख्य एजेंडा राज्य के लगभग 1,50,000 शिक्षामित्रों और हजारों इंस्ट्रक्टरों का मानदेय बढ़ाना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में संकेत दिया था कि संशोधित मानदेय अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा. इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर कैबिनेट होली के त्योहार के बाद शिक्षाकर्मियों को एक और खुशखबरी दे सकती है. उम्मीद है कि उनके मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी के साथ-साथ इन कर्मियों के लिए अन्य लाभों और सुविधाओं जैसे कि बीमा कवरेज या छुट्टियों के अधिकार पर भी चर्चा हो सकती है.
परिवहन विभाग से जुड़े कौन-कौन से है प्रस्ताव?
परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्तावों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के तहत बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण और विकास की गति तेज की जाएगी. कैबिनेट लोक निर्माण विभाग यानी PWD की कीमती जमीन को बिना किसी शुल्क के परिवहन निगम को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए तैयार है, ताकि तुलसीपुर और हाथरस में नए बस टर्मिनलों का निर्माण किया जा सके. इस पहल से इन क्षेत्रों के यात्रियों को विश्व-स्तरीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.
औद्योगिक विकास, PWD और आपदा राहत से जुड़े कई अन्य तकनीकी प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे. विशेष रूप से बांग्लादेश विभाजन के दौरान विस्थापित हुए और बाद में उत्तर प्रदेश में बस गए. परिवारों को आपदा राहत और पुनर्वास लाभ देने का प्रस्ताव भी चर्चा के एजेंडे में शामिल है. आज की बैठक में लिए गए निर्णय न केवल राज्य के विकास की गति को तेज करेंगे, बल्कि 'डबल इंजन' सरकार को ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में अपने मतदाता आधार को मजबूत करने में भी सहायता करेंगे.