UP Floods: वाराणसी में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, प्रयागराज में अभी राहत; भारी बारिश से खतरा

उत्तर प्रदेश में गंगा के जलस्तर को लेकर एक बार फिर निगाहें टिक गई हैं. वाराणसी में छह दिन तक लगातार घटने के बाद गंगा का पानी शुक्रवार से धीमी रफ्तार में बढ़ना शुरू हुआ.

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Reepu Kumari

लखनऊ: वाराणसी में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी शुरू होने से तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है. छह दिनों तक लगातार पानी घटने के बाद शुक्रवार से नदी का स्तर ऊपर जाने लगा. हालांकि बढ़ोतरी की रफ्तार फिलहाल काफी कम है. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक करीब दो घंटे में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है. ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश को इसके पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है.

लोगों की बढ़ी चिंता

प्रयागराज में भी गंगा का पानी बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ी है, लेकिन प्रशासन फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में मान रहा है. यहां पिछले एक सप्ताह में जलस्तर नीचे जाने से तटवर्ती क्षेत्रों को राहत मिली थी. अब फिर बढ़ाव शुरू हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार से छोड़ा गया पानी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और मौजूदा परिस्थितियों में बाढ़ की आशंका कम है. फिर भी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.

वाराणसी में धीमी रफ्तार से बढ़ रहा पानी

सावन के अंतिम दिन शुक्रवार से वाराणसी में गंगा के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी शुरू हुई. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी करीब दो घंटे में एक सेंटीमीटर की गति से बढ़ रही है. इससे पहले छह दिनों तक गंगा का जलस्तर लगातार कम हुआ था. आपदा विभाग के अनुसार पूर्वांचल और ऊपरी क्षेत्रों में इस सप्ताह हुई भारी बारिश के कारण गंगा में दोबारा पानी बढ़ने की स्थिति बनी है.


घाटों की व्यवस्था पर पड़ा असर

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर वाराणसी के घाटों की दिनचर्या पर भी दिखाई दे रहा है. अभी सभी घाटों का आपसी संपर्क टूटा हुआ है. दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती से जुड़ा कार्यालय भी छत पर चलाया जा रहा है. वहीं, वरुणा नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पानी के साथ जमा गंदगी और बदबू भी परेशानी का कारण बनी हुई है. अगले 24 घंटे तक जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है.

प्रयागराज में बढ़ा पानी, लेकिन खतरा कम

प्रयागराज में शुक्रवार दोपहर से गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी शुरू हुई. शुक्रवार को नदी का जलस्तर 67.76 मीटर दर्ज किया गया और बढ़ने की रफ्तार करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटा रही. इससे पहले करीब एक सप्ताह तक पानी घटने से तटवर्ती इलाकों में राहत थी. पक्के घाटों से पानी उतरने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन दोबारा बढ़ाव से चिंता लौट आई है.

यमुना के स्तर पर भी प्रशासन की नजर

प्रयागराज में इस समय गंगा के साथ यमुना के जलस्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों के अनुसार मौजूदा स्थिति को देखते हुए यमुना का पानी करीब एक से डेढ़ मीटर तक बढ़ सकता है. हालांकि यदि आने वाले समय में तेज बारिश हुई तो तटीय इलाकों में स्थिति बदल सकती है. खास चिंता उन क्षेत्रों को लेकर है, जहां बढ़ता पानी आबादी की ओर रुख कर सकता है.

हरिद्वार से छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार हरिद्वार से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अधिकारियों ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया है. यह पानी पहले कानपुर बैराज और फिर प्रयागराज की ओर आएगा. इस दौरान नदी का प्रवाह आगे निकलता रहेगा, इसलिए फिलहाल जलस्तर में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका नहीं है. हालांकि यमुना के तटीय इलाकों में लगातार बारिश होने के कारण जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है.

नैनी में यमुना का जलस्तर बढ़ा

शुक्रवार शाम चार बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 79.95 मीटर दर्ज किया गया. दोपहर 12 बजे के मुकाबले इसमें 28 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई. इसके बावजूद सिंचाई विभाग के बाढ़ प्रखंड के एक्सईएन दिग्विजय शुक्ल ने कहा कि फिलहाल बाढ़ के आसार नहीं हैं. प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार नदियों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं. आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति ही तय करेगी कि राहत कायम रहती है या चिंता फिर बढ़ती है.