यमुना एक्सप्रेसवे हादसे ने उजाड़ा परिवार, मां बेटी की मौत; तीन साल का लड़ रहा जिंदगी की जंग
वृंदावन दर्शन के लिए निकली एक महिला और उसकी मासूम बेटी की यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में जान चली गई, जबकि उनका तीन साल का बेटा जिंदगी की जंग लड़ रहा है.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के करतहरी गांव में एक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं. वृंदावन दर्शन के लिए निकली एक महिला और उसकी मासूम बेटी की यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में जान चली गई, जबकि उनका तीन साल का बेटा जिंदगी की जंग लड़ रहा है. हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया. परिजन बदहवास होकर अस्पताल पहुंचे और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ भीषण हादसा
मंगलवार देर रात करीब दो बजे उन्नाव के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर अर्टिगा कार और एक बस की जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे में 35 वर्षीय अंजू और उनकी छह साल की बेटी अमृता की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि उनका तीन साल का बेटा रिध्यान्स गंभीर रूप से घायल हो गया. मासूम अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा.
हादसे के बाद घायल रिध्यान्स को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल उसका इलाज उन्नाव के एक अस्पताल में चल रहा है.
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दर्शन के लिए निकला था परिवार
जानकारी के अनुसार अंजू की शादी करीब दस साल पहले गांव के ही राजेश से हुआ था. दोनों ने लव मैरेज की थी. शादी के बाद दोनों संतकबीरनगर में रहने लगे थे. राजेश ने पत्नी और दोनों बच्चों को वृंदावन दर्शन के लिए कार से रवाना किया था. इसी यात्रा के दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया.
गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही राजेश और अन्य परिजन तुरंत उन्नाव के लिए रवाना हो गए. वहीं करतहरी गांव में शोक की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों ने बताया कि हादसे की खबर से हर कोई स्तब्ध है. गांव में लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल बच्चे के स्वस्थ होने की कामना की.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ग्रामीणों के मुताबिक प्रेम विवाह के बाद अंजू के पिता ने लंबे समय तक उनसे दूरी बनाए रखी थी. लेकिन बेटी की असमय मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं और गांव को गमगीन कर दिया.