यूपी को रेलवे का बड़ा तोहफा, मैलानी-नानपारा नई ब्रॉडगेज लाइन के सर्वे को मंजूरी; रेल मंत्री ने किया ऐलान
उत्तर प्रदेश के मैलानी-नानपारा रेल मार्ग के लिए नई ब्रॉडगेज लाइन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और बहराइच के लोगों के लिए राहत की खबर है. मैलानी-नानपारा रेलखंड पर नई ब्रॉडगेज लाइन बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने का सर्वे मंजूर कर दिया गया है.
नई ब्रॉडगेज लाइन के लिए सर्वे को मिली मंजूरी
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि मैलानी-नानपारा मीटर गेज रेलखंड के विकल्प के तौर पर नई ब्रॉडगेज लाइन विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का सर्वे मंजूर कर दिया गया है. मौजूदा मैलानी-नानपारा रेल मार्ग करीब 128 किलोमीटर लंबा है और इसका बड़ा हिस्सा वन्यजीव क्षेत्र से होकर गुजरता है. इसी वजह से पुराने रेल मार्ग का सीधे आमान परिवर्तन संभव नहीं माना गया. अब रेलवे ने नया रूट तैयार करने की योजना बनाई है ताकि पर्यावरण और वन क्षेत्र को कम से कम नुकसान पहुंचे.
नए रूट की योजना और आगे की प्रक्रिया
रेल मंत्रालय के अनुसार, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और रायभोजा-नानपारा के करीब 13 किलोमीटर हिस्से को छोड़कर नई योजना बनाई गई है. इसके तहत मैलानी-भीरा खीरी के 16 किलोमीटर हिस्से का आमान परिवर्तन किया जाएगा. वहीं भीरा खीरी से रायभोजा तक करीब 120 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज लाइन बिछाई जाएगी. इस तरह कुल 136 किलोमीटर की परियोजना पर काम होगा. डीपीआर तैयार होने के बाद राज्य सरकार, वन विभाग, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय से जरूरी मंजूरी ली जाएगी. अंतिम स्वीकृति इन्हीं प्रक्रियाओं के पूरा होने पर मिलेगी.
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तराई क्षेत्र के व्यापार और यात्रा को मिलेगा फायदा
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि मौजूदा रेलखंड की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण जारी है और 109 किलोमीटर रेलपथ के नवीनीकरण को मंजूरी दी जा चुकी है. इसके अलावा एक आर्च ब्रिज का पुनर्निर्माण, छह नए पुल और पलिया शारदा ब्रिज के गाइड बंड को मजबूत करने के लिए 8.3 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं. व्यापारिक संगठनों का कहना है कि नई ब्रॉडगेज लाइन बनने से लखीमपुर खीरी, बहराइच और पूरे तराई क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को कृषि उत्पादों की ढुलाई में आसानी होगी. साथ ही उद्योग और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.