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जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एक्जीबिशन सेंटर, जानें क्या होगा खास?

अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के पास दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एक्जीबिशन सेंटर बनाने का फैसला किया है. 200 एकड़ में बनने वाले इस एक्जीबिशन सेंटर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तमाम कंपनियों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, आइए कैसे जानें....

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Santosh Pathak

UP News: अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. जेवर एयरपोर्ट के पास दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एक्जीबिशन सेंटर बनाया जाएगा. इस एक्जीबिशन सेंटर में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तमाम कंपनियों में बनने वाले उत्पादों की प्रदर्शनी की जाएगी ताकि विदेशी खरीदार इन उत्पादों के प्रति आकर्षित हों और विदेशी बाजार में भी यहां के उत्पादों की धाक जम सके.

200 एकड़ में बनेगा एक्जीबिशन सेंटर 
यमुन विकास प्राधिकरण के सीईओ अरुण वीर सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के नजदीक 200 एकड़ में इस एक्जीबिशन सेंटर को बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही सेक्टर-7 में बनने वाला यह एक्जीबिशन सेंटर विदेशी निवेशकों को यहां बनने वाले उत्पादों की जानकारी देगा. निवेशक कंपनी में जाकर इन उत्पादों को बनते हुए भी देख सकेंगे. इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट प्राइवेट लिमिटेड (IEML) इस एक्जीबिशन सेंटर का निर्माण करेगी.

वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में एक्सपो सेंटर एवं मार्ट का निर्माण 58 एकड़ भूमि पर किया गया है, जिसमें 73308 वर्गमीटर (18 एकड़) में प्रदर्शनी स्थल, 800 स्थायी शोरूम, 14 मल्टी परपज हॉल्स, 29 मीटिंग रूम, 04 ओपेन एरिया, 04 रेस्टोरेन्ट स्थित हैं, यहां पर वायर्स लॉन्ज, फारेन एक्सचेंज आउटलेट तथा बड़ा कन्वेंशन कम इंटरनेशनल बिजनेस फैसिलिटी सेंटर आदि उपलब्ध है, यहां वर्ष में 40 से 50 इवेंट्स आयोजित होते हैं.

यूपी सरकार ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
एग्जीबिशन सेंटर बनाने के लिए यमुना विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी. डॉ. अरुण वीर सिंह ने बताया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी की भी स्थापना की जा रही है. एयरपोर्ट 2-24-25 और फिल्म सिटी 2027 तक शुरू हो जाएगी. इन दोनों परियोजनाओं के संचालन से प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक, वाणिज्यिक और अन्य गतिविधियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी वृद्धि होगी.IEML के इस प्रस्ताव पर बोर्ड द्वारा फिजिविलिटी स्टडी कराने की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान कर दी गई है.