श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए जारी किया आवेदन, जानें पात्रता और जरूरी डिटेल

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के नए CEO पद के लिए आवेदन मांगे हैं. इस पद के लिए सनातनी हिंदू, पूजा-पाठी, अनुभवी और वैष्णव परंपरा के उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी.

ANI
Sagar Bhardwaj

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावे की चोरी के मामले की एसआईटी जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. ट्रस्ट ने आधिकारिक आवेदन पत्र जारी करते हुए योग्य उम्मीदवारों से 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह नियुक्ति राम मंदिर के प्रशासनिक संचालन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

18 जुलाई तक ई-मेल से भेजने होंगे आवेदन

ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार इच्छुक उम्मीदवारों को अपना आवेदन 18 जुलाई की शाम चार बजे तक [searchcommittee.srjbt@gmail.com](mailto:searchcommittee.srjbt@gmail.com) पर ई-मेल के माध्यम से भेजना होगा. निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सार्वजनिक किया है.


'सनातनी हिंदू' और नियमित पूजा-पाठ जरूरी

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का 'सनातनी हिंदू' होना अनिवार्य रखा गया है. इसके साथ ही अभ्यर्थी का सक्रिय रूप से पूजा-पाठ करने वाला होना भी आवश्यक होगा. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वैष्णव परंपरा से जुड़े रामभक्त उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में वरीयता प्रदान की जाएगी.

50 से 70 वर्ष आयु और 20 साल का अनुभव अनिवार्य

इस पद के लिए उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है. साथ ही किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, सरकारी विभाग, संस्थान या कंपनी में कम से कम 20 वर्षों तक प्रबंधकीय जिम्मेदारियां संभालने का अनुभव होना आवश्यक है. ट्रस्ट का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक संस्थान के संचालन के लिए अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत है.

सेवानिवृत्त अधिकारियों को मिलेगी प्राथमिकता

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए. मंदिर या किसी हिंदू धार्मिक संस्थान में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके सेवानिवृत्त अधिकारियों को चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे अनुभवी और धार्मिक मूल्यों से जुड़े प्रशासक का चयन करना है, जो राम मंदिर की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर सके.