मेरठ में PAC जवान की सनसनीखेज चिट्ठी VIRAL, पत्नी पर लगाए हैरान करने वाले आरोप
उत्तर प्रदेश में 44वीं वाहिनी पीएसी के एक जवान की चिठ्ठी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है, जिसमें उसने अपनी पत्नी के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है.
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जवान ने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर अधिकारियों को एक चिट्ठी लिखी. इसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी सपनों में उसके सीने पर बैठकर उसका ''खून पीने की कोशिश करती है'', जिससे वह रातभर सो नहीं पाता और समय पर ड्यूटी नहीं पहुंच पाता.
ड्यूटी में देरी का चौंकाने वाला कारण
आपको बता दें कि 16 फरवरी को ड्यूटी पर देरी से पहुंचने के कारण जवान को दलनायक मधुसूदन शर्मा की ओर से नोटिस जारी किया गया था. इस नोटिस में पूछा गया था कि ब्रीफिंग में समय पर क्यों नहीं पहुंचे और वर्दी का टर्नआउट सही क्यों नहीं था. इसके जवाब में जवान ने एक पत्र लिखा, जिसमें उसने अपने मानसिक तनाव और पत्नी के साथ विवाद का उल्लेख किया.
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जवान ने किया मानसिक तनाव का खुलासा
वहीं अपने पत्र में जवान ने लिखा, ''मेरी पत्नी सपनों में मेरे सीने पर बैठकर मेरा खून पीने की कोशिश करती है, जिससे मैं पूरी रात सो नहीं पाता और ड्यूटी में देर हो जाती है.'' उसने आगे बताया कि वह डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन की दवाइयां ले रहा है और उसकी मां की तबीयत भी खराब है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ गई है.
भगवान की शरण में जाने की इच्छा
बता दें कि जवान ने अपने पत्र में लिखा, ''मेरी जीवन जीने की शक्ति खत्म हो गई है, कृपया मुझे भगवान तक पहुंचने का मार्ग दिखाएं ताकि मैं अपने दुखों से मुक्त हो सकूं.''
सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिट्ठी
हालांकि, यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जवान की इस स्थिति पर मेरठ 44वीं वाहिनी के कमांडेंट सचिंद्र पटेल ने बयान दिया है कि ''हम इस पत्र की सत्यता की जांच कर रहे हैं और जवान की समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं.''
मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
बहरहाल, यह घटना एक बार फिर सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता को उजागर करती है. जवान ने जो भावनाएं जाहिर की हैं, वे यह दिखाती हैं कि मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को उचित सहायता की जरूरत है. अब देखना होगा कि PAC जवान की मानसिक स्थिति को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.