'एक तरफ अबीर गुलाल दूसरी तरफ नमाज...' संभल में क्या होने वाला है आज? चप्पे-चप्पे पर ड्रोन और सीसीटीवी से नजर

संभल में रंग एकादशी के जुलूस और जुम्मे की नमाज एक ही दिन होने से प्रशासन अलर्ट है. रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी की तैनाती के साथ पूरे शहर में सख्त निगरानी रखी जा रही है.

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Babli Rautela

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती का दिन है. फागुन महीने की रंग एकादशी पर निकलने वाला चौपाई का जुलूस और रमजान के दूसरे जुम्मे की नमाज एक ही दिन पड़ने से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशीलता को देखते हुए शहर को लगभग सुरक्षा छावनी में बदल दिया गया है. तीन कंपनियां रैपिड एक्शन फोर्स की, दो प्लाटून पीएसी की और एक दर्जन थानों की पुलिस को अलग अलग इलाकों में तैनात किया गया है.

रंग एकादशी का जुलूस शहर के कई हिस्सों से गुजरते हुए जामा मस्जिद के पास से निकलेगा और सूर्यकुंड तीर्थ तक जाएगा. प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यही मार्ग है, जिसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना जाता है. जामा मस्जिद के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है ताकि जुलूस और नमाज दोनों शांतिपूर्वक संपन्न हो सकें. अधिकारियों ने शांति समितियों के साथ बैठक कर आपसी समन्वय पर जोर दिया है.

तकनीक के सहारे कड़ी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है. पूरे मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है. ड्रोन कैमरों से छतों और गलियों पर नजर रखी जा रही है.

एसपी Krishna Kumar Bishnoi ने बताया कि किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. हाल ही में भर्ती हुए 200 रिक्रूट कॉन्स्टेबल्स को भी ड्यूटी पर लगाया गया है.

मजिस्ट्रेटों की तैनाती

सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी तैयारी की गई है. डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया ने एक दर्जन सेक्टर मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई है. ये मजिस्ट्रेट जुलूस मार्ग और मस्जिदों के आसपास तैनात रहकर स्थिति पर नजर रखेंगे और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देंगे. पिछले वर्षों में हुई हिंसा की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और विसर्जन मार्ग का पहले ही निरीक्षण किया जा चुका है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें. उनका कहना है कि त्योहार और इबादत दोनों का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है.

शाम तक रहेगा कड़ा पहरा

सुबह से ही शहर के प्रमुख चौराहों और गलियों में पुलिस गश्त तेज कर दी गई है. पूरे दिन हालात पर पैनी नजर रखी जाएगी. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी बुलाया जा सकता है. संभल में आज का दिन प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक समन्वय की परीक्षा है. एक तरफ रंगों का उत्साह है तो दूसरी तरफ इबादत की गंभीरता. प्रशासन की कोशिश है कि दोनों कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हों और शहर में भाईचारा कायम रहे.