लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मैनपुरी के समान पक्षी विहार को पर्यटकों के लिए और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पक्षी विहार के पास ग्राम सभा की छह हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. जमीन मिलने के बाद यहां पर्यटकों की जरूरत के अनुसार बुनियादी और सुविधाजनक ढांचा विकसित किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इस कदम के जरिए ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना और मैनपुरी की पर्यटन पहचान मजबूत करना है.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद पर्यटन विभाग को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. प्रस्ताव के तहत किसनी तहसील के ग्राम समान में स्थित भूमि में से छह हेक्टेयर ऊसर जमीन विभाग को दी जाएगी. ग्राम भूमि प्रबंधक समिति पहले ही भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव पारित कर चुकी है. जमीन निशुल्क मिलने के कारण इस प्रक्रिया पर सरकार को अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं उठाना पड़ेगा. इसके बाद पर्यटकों की सुविधा के लिए जरूरी विकास कार्यों की योजना बनाई जाएगी.
समान पक्षी विहार करीब 5.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला प्रमुख वेटलैंड है. इसे 2019 में रामसर साइट का दर्जा मिला था. यहां सारस क्रेन सहित कई स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी आकर्षण का बड़ा कारण है. सर्दियों में दूर देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के कारण यहां गतिविधियां बढ़ जाती हैं. पक्षी देखने और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह पहले से लोकप्रिय स्थान है.
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन को भी विकसित किया जा रहा है. उनके मुताबिक समान पक्षी विहार में सुविधाएं बढ़ने से देश और विदेश से आने वाले पक्षी प्रेमियों को बेहतर अनुभव मिलेगा. इससे मैनपुरी की पर्यटन पहचान मजबूत हो सकती है. साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे कारोबार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.
पर्यटन विभाग का मानना है कि बेहतर सुविधाओं के बाद समान पक्षी विहार में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है. इसका सीधा फायदा आसपास के क्षेत्रों में होटल, खानपान, परिवहन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबार को मिल सकता है. उत्तर प्रदेश में समान के अलावा चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, सांडी, बखीरा, विजय सागर, समसपुर, सूर सरोवर और पटना जैसे पक्षी विहारों को भी पर्यटन से जोड़कर विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है.
सरकार की योजना जमीन मिलने के बाद समान पक्षी विहार के आसपास पर्यटकों की जरूरत के मुताबिक अवस्थापना सुविधाएं तैयार करने की है. इससे यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और पक्षी पर्यटन को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा मिलेगा. रामसर साइट होने के कारण क्षेत्र का पर्यावरणीय महत्व भी खास है. ऐसे में विकास के साथ प्राकृतिक पारिस्थितिकी और पक्षियों के आवास को सुरक्षित रखना भी अहम रहेगा.