15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है. अब उनके टेस्ट भविष्य को लेकर चर्चा तेज है. राहुल द्रविड़ का मानना है कि वैभव में तीनों फॉर्मेट खेलने की क्षमता है लेकिन टेस्ट के लिए उन्हें पर्याप्त समय और घरेलू क्रिकेट का अनुभव चाहिए.
राहुल द्रविड़ ने वैभव के टेस्ट भविष्य पर जल्द फैसला लेने से बचने की सलाह दी है. उनके मुताबिक, युवा बल्लेबाज को पहले लगातार रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहिए और घरेलू स्तर पर खुद को साबित करना चाहिए. द्रविड़ का मानना है कि अगर वैभव को दो पूरे घरेलू सीजन खेलने का मौका मिलता है, तो वह टेस्ट टीम के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं. वैभव फिलहाल दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का हिस्सा हैं, जहां उनके पास लंबे फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी को परखने का मौका है. द्रविड़ के लिए फिलहाल सबसे जरूरी चीज वैभव के साथ धैर्य रखना है.
वैभव ने कम उम्र में ही सफेद गेंद के क्रिकेट में बड़ा असर छोड़ा है. IPL 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और 237.30 के स्ट्राइक रेट के साथ ऑरेंज कैप अपने नाम की. हालांकि, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका अनुभव अभी काफी कम है. उन्होंने अब तक आठ फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसमें उनका औसत 17.25 रहा है. यही वजह है कि द्रविड़ उनकी प्रतिभा को देखते हुए भी उन्हें तुरंत टेस्ट क्रिकेट में उतारने के पक्ष में नहीं हैं. उनके अनुसार, वैभव को लंबी पारियां खेलने, मुश्किल हालात में बल्लेबाजी करने और रेड-बॉल क्रिकेट की बारीकियां समझने के लिए समय चाहिए.
द्रविड़ को वैभव की क्षमता पर पूरा भरोसा है लेकिन उनके सामने एक बड़ी चुनौती भी है. सफेद गेंद के क्रिकेट में तेजी से बढ़ती मांग के कारण वैभव के लिए लगातार घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेलना मुश्किल हो सकता है. द्रविड़ ने इसी पहलू पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि असली सवाल उनकी क्षमता का नहीं, बल्कि उन्हें पर्याप्त समय मिलने का है. राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करने के दौरान द्रविड़ ने वैभव को करीब से देखा है, इसलिए उनका आकलन काफी अहम माना जा रहा है. फिलहाल वैभव के लिए संदेश साफ है, टेस्ट का रास्ता खुला है लेकिन वहां पहुंचने से पहले घरेलू क्रिकेट में लंबी परीक्षा पास करनी होगी.