प्रेमानंद महाराज भी नहीं बच पाए डीपफेक के जाल से, लोगों ने बना डाली फेक वीडियो; आश्रम ने न शेयर करने का किया अनुरोध
Premanand Maharaj Deepfake Video: प्रेमानंद महाराज भी डीपफेक वीडियो से बच नहीं पाए. इनकी आवाज को कई तरह से प्रमोशनल कंटेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
Premanand Maharaj Deepfake Video: डीपफेक के बारे में तो आपने सुना ही होगा. इस तकनीक ने लोगों को काफी परेशान किया हुआ है. इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक और मामला सामने आया है जिसमें आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्रेमानंद महाराज डीपफेक तकनीक का शिकार बन गए हैं. उनकी आवाज और उपदेशों के हेरफेर वाली कई वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसमें प्रेमानंद महाराज को बिजनेस एक्टिविटीज एंड डिवोशनल प्रोडक्ट सेल्स के लिए प्रमोशनल कंटेंट में दिखाया गया है.
इन वीडियो में प्रेमानंद महाराज की आवाज को धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित सामान को बेचने या बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया गया है. इस तरह की वीजियो को लेकर आध्यात्मिक समुदाय से कड़ी आपत्ति जताई है.
वीडियो को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी:
इस तरह की वीडियोज को लेकर श्री हित राधा केलि कुंज परिकर जो प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम की आधिकारिक संस्था है, ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है. इसमें इन AI-छेड़छाड़ वाले वीडियो के प्रसार की निंदा की गई है. नोटिस में लोगों से आग्रह किया गया है कि ऐसी किसी भी वीडियो पर विश्वास न करें और ही इन्हें शेयर करें. साथ ही कहा गया है कि महाराज जी की मूल आवाज और संदेश की गरिमा को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया गया है.
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नोटिस में आगे कहा गया है कि हम सभी को सचेत करना चाहते हैं कि इस समय बहुत से लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके पूज्य गुरुदेव श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के उपदेशों को अन्य भाषाओं में ट्रांलेट कर रहे हैं या फिर उनकी वीडियो से छेड़छाड़ कर रहे हैं.
यह काम नैतिक और कानूनी सीमाओं का उल्लंघन करता है. ऐसे वीडियो बनाने, उनका समर्थन करने या उन्हें किसी भी तरह से शेयर न किया जाए.