'आंख खुली तो पूरा परिवार मलबे में था…', यूपी में मकान ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

प्रतापगढ़ में लगातार बारिश के बीच 100 साल पुराना मकान गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई.

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Ashutosh Rai

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. लगातार बारिश के बीच 100 साल पुराना मकान अचानक ढह गया. मलबे में दबने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई. वहीं एक सदस्य घायल हालत में बच गया.

रात में सोते समय हुआ दर्दनाक हादसा

नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में बुधवार देर रात यह हादसा हुआ. गर्मी और उमस की वजह से परिवार के सातों सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे. रात करीब दो बजे अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई. किसी को संभलने या मदद के लिए आवाज लगाने का मौका तक नहीं मिला. मलबा पूरे कमरे पर गिर गया और परिवार के सभी सदस्य उसके नीचे दब गए. बड़ा बेटा अमन कमरे के किनारे सो रहा था. वह किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा और शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया. सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले राहत कार्य के बाद सभी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया.

छह लोगों की गई जान

अस्पताल में डॉक्टरों ने परिवार के छह लोगों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों में मकान मालिक प्रमोद श्रीवास्तव (60), उनकी पत्नी रीता (55), छोटा बेटा नितिन (25), बहू माधुरी (23) और उनके दो बच्चे माधव (2 वर्ष) तथा अद्विक (10 माह) शामिल हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार मलबे में दबने और दम घुटने से सभी की मौत हुई. परिवार का बड़ा बेटा अमन घायल है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. अमन ने बताया कि तेज आवाज से उसकी आंख खुली तो चारों तरफ सिर्फ मलबा ही दिखाई दे रहा था. उसने अकेले परिवार को निकालने की कोशिश की लेकिन मलबा ज्यादा होने की वजह से सफल नहीं हो सका.


प्रशासन ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से 26 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले ही यह हादसा हो गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लिया है. उनके निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा की. स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान काफी पुराना था और लगातार बारिश के कारण उसकी हालत और कमजोर हो गई थी.