गर्मी बढ़ते ही मथुरा में गहराई बिजली संकट, 10 घंटे तक कटौती से नाराज उपभोक्ताओं का प्रदर्शन
जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जनपद में बिजली संकट भी गहराता जा रहा है. हालात यह हैं कि शहर और उससे जुड़े कई इलाकों में रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है.
मथुरा: जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जनपद में बिजली संकट भी गहराता जा रहा है. हालात यह हैं कि शहर और उससे जुड़े कई इलाकों में रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है. लगातार हो रही कटौती से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर फूट पड़ा. वृंदावन क्षेत्र में पागल बाबा बिजली घर पर दो दर्जन से अधिक लोगों ने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली आपूर्ति सुचारू करने की मांग उठाई.
प्रदर्शन में शामिल लोग मथुरा-वृंदावन नगर निगम के वार्ड संख्या 13 के निवासी बताए गए. उनका कहना था कि पिछले कई दिनों से बिजली की स्थिति बेहद खराब है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है. भीषण गर्मी में लंबे समय तक बिजली न रहने से लोगों को पानी, कूलिंग और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है.
कर्मचारियों ने किया अभद्र व्यवहार:
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समस्या के समाधान के लिए जब वे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के पागल बाबा बिजली घर पहुंचे, तो वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला. न तो एक्सईएन (अधिशासी अभियंता) उपलब्ध थे और न ही जेई (जूनियर इंजीनियर). उपभोक्ताओं का कहना था कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने भी उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और अभद्र व्यवहार किया.
स्थानीय निवासी रमण बिहारी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बिजली कटौती लगातार बढ़ती जा रही है. शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि चैतन्य बिहार फीडर से जुड़े लगभग 1500 किलोवाट के कॉमर्शियल कनेक्शन हैं, लेकिन इसके बावजूद आपूर्ति व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र जैसी बताकर टालमटोल किया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र को ग्रामीण श्रेणी में रखा जा रहा है, तो फिर उपभोक्ताओं से शहरी दरों पर बिल क्यों वसूला जा रहा है.
लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी:
रमण बिहारी, जो एक मैरिज होम का संचालन करते हैं, ने बताया कि उनके पास 40 किलोवाट का कनेक्शन है और वे समय पर बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही. उनका कहना था कि यदि कोई उपभोक्ता बिल नहीं दे रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन जो लोग नियमित भुगतान कर रहे हैं, उन्हें इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण सरकार की छवि भी खराब हो रही है.