बाराबंकी में फार्मासिस्ट की पीट-पीटकर हत्या, रात के 12 बजे दवा लेने के बहाने क्लिनिक में घुसे थे हमलावर

विश्वकर्मा की मां गंगोत्री देवी ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे का चार ग्रामीणों- संतलाल, किशोर, राजेंद्र प्रसाद और लाल बहादुर के साथ जमीन और पेड़ काटने को लेकर विवाद था.

Sagar Bhardwaj

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में रविवार देर रात एक 24 वर्षीय फार्मासिस्ट सत्येंद्र विश्वकर्मा की कथित तौर पर अज्ञात लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वारदात के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया जा रहा है. पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने विश्वकर्मा के क्लिनिक में घुसकर उन पर लाठियों और सरियों से हमला किया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

रात 12 बजे दवा लेने के बहाने क्लिनिक पर पहुंचे तीन लोग
पुलिस के अनुसार, रात करीब 12 बजे तीन लोग दवा लेने के बहाने विश्वकर्मा के क्लिनिक पहुंचे. जैसे ही विश्वकर्मा ने दरवाजा खोला, हमलावरों ने जबरन प्रवेश कर उन पर हमला शुरू कर दिया. विश्वकर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया. स्थानीय निवासी विवेक चंद्र नाग ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी हमलावरों ने पीटा. शोर सुनकर हमलावर मौके से फरार हो गए. विश्वकर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई.

जमीन विवाद में हत्या
विश्वकर्मा की मां गंगोत्री देवी ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे का चार ग्रामीणों—संतलाल, किशोर, राजेंद्र प्रसाद और लाल बहादुर—के साथ जमीन और पेड़ काटने को लेकर विवाद था. उन्होंने इन लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया. स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सुधीर कुमार सिंह ने कहा, "हम कई लोगों से पूछताछ कर रहे हैं और क्लिनिक के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं. दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा."

बलिया में भी इसी तरह की घटना
इससे पहले, बलिया जिले के सिंहपुर गांव में एक 30 वर्षीय व्यक्ति अवधेश की बकरी पड़ोसी की जमीन में घुसने को लेकर हुए विवाद में लाठियों से पीटकर हत्या कर दी गई. अवधेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई.