NOIDA: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शनों के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. इसके चलते अब इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए अलग से पुलिस व्यवस्था बनाई जाएगी. इससे मजदूरों और कंपनियों से जुड़े मामलों का तेज और बेहतर तरीके से निपटारा हो पाएगा. इस कदम के तहत इंडस्ट्री से जुड़ी कानून-व्यवस्था और तालमेल की देखरेख के लिए एक नया पद डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP इंडस्ट्रीज) बनाया गया है.
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने DCP (इंडस्ट्रीज) के नए पद को मंजूरी दे दी है. इस पद पर तैनात अधिकारी की मदद के लिए एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP), तीन इंस्पेक्टर और 25 पुलिसकर्मियों की एक टीम होगी.
नए ढांचे के तहत, 15,000 से ज्यादा इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. पुलिस करीब 2 लाख कंपनियों और लगभग 4 लाख मजदूरों के साथ सीधा तालमेल बिठाएगी. बेहतर बातचीत हो सके और उभरते मुद्दों पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके.
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल में मजदूरों की शिकायतों का तेजी से निपटारा करने और मजदूर यूनियनों व इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत बनाए रखने को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मजदूर कानूनों का पालन सुनिश्चित करने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा.
इंडस्ट्रीज पुलिस सेल को तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है. जल्द ही एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी होने की उम्मीद है. इस पुनर्गठन से जुड़ा एक औपचारिक प्रस्ताव तीन दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को सौंपा जाएगा.
13 अप्रैल को अलग-अलग इंडस्ट्रियल यूनिट्स के बड़ी संख्या में मजदूर अपनी लंबे समय से अटकी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की. वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे फैक्ट्री मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद नोएडा के फेज 2 और सेक्टर 60 इलाकों में गाड़ियों में आग लगाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पत्थरबाजी की खबरें आईं.