इस बार कोई गलती नहीं..., मजदूर दिवस पर नोएडा में सुरक्षा की खास तैयारी, श्रमिक आंदोलन के बाद हाई अलर्ट मोड पर प्रशासन

मजदूर दिवस के मौके पर नोएडा में सुरक्षा की पूरी तैयारी की गई है. 13 अप्रैल को हुए मजदूर आंदोलन के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला था, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार तैयारी पूरी की गई है.

ANI
Shanu Sharma

आज मजदूर दिवस के मौके पर नोएडा प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा की पूरी तैयारी कर ली है. कुछ दिनों पहले शहर में मजदूरों का जोरदार आंदोलन देखने को मिला था. इस दौरान कई हिंसक घटनाएं देखने को मिली थी, जिसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है. 

नोएडा पुलिस कमिश्नर ने पूरे जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में बांटा है. जिसकी देखरेख डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही है. सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. एसपी, अपर पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, महिला पुलिसकर्मी और पीएसी के जवानों को संवेदनशील इलाकों में लगाया गया है. 

क्या है पुलिस की तैयारी?

प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि मजदूर दिवस के मौके पर कोई भी बिना मंजूरी के प्रदर्शन ना करें. या फिर किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था को बाधित न करे. व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 30 अप्रैल से 8 मई तक पूरे नोएडा में धारा 163 लागू कर दी है. इस दौरान किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस या सभा पर रोक रहेगी. सुरक्षा को और पुख्ता बनाने के लिए 50 से अधिक स्थानों पर ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं. साथ ही सीसीटीवी कैमरों से प्रमुख इलाकों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. कंट्रोल रूम में अधिकारियों की टीम 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रही है ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

मजदूरों का ऐलान

13 अप्रैल को नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए प्रशासन इस बार पहले से ही तैयारी पूरी कर ली है. उसी घटना के अनुभव को ध्यान में रखकर अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाया गया है. पुलिस का फोकस मुख्य रूप से औद्योगिक इकाइयों और संवेदनशील क्षेत्रों पर है. मजदूर दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.

पार्टी नेताओं का कहना है कि वे मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई, निजी स्कूलों की मनमानी फीस, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी, निजी अस्पतालों में मरीजों के शोषण और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को नोएडा स्थानांतरित करने जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाएंगे. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोई भी प्रदर्शन बिना अनुमति के नहीं होगा और कानून की सीमा में रहकर ही कोई गतिविधि की जा सकती है.