यूपी में खुलेगा NIFTEM केंद्र, युवाओं को मिलेगा स्किल ट्रेनिंग का मौका; रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण यूपी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में डिग्री, डिप्लोमा और शोध पाठ्यक्रम शुरू होंगे. कौशांबी और प्रयागराज में भी केंद्र स्थापित होंगे.

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Shanu Sharma

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. निफ्टेम उत्तर प्रदेश के राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान को हरियाणा स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की उपग्रह इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा. इस केंद्र में खाद्य प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम के अंतर्गत स्नातक, परास्नातक, पीएचडी से लेकर अल्पकालीन डिप्लोमा तक के पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे.

लखनऊ समाचार के अनुसार राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इसमें निफ्टेम के प्रतिनिधि प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा और डॉ. नितिन कुमार ने भाग लिया. अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में खाद्य प्रसंस्करण संस्थान को राष्ट्रीय स्तर की इकाई से जोड़ने पर सहमति बनी.

समझौता ज्ञापन जल्द होगा हस्ताक्षरित

खाद्य प्रसंस्करण विभाग और निफ्टेम के बीच शीघ्र ही समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. यह समझौता उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण यूपी क्षेत्र को संस्थागत और तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा. इससे प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय खाद्य विज्ञान शिक्षा का लाभ मिलेगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे.


बैठक में कौशांबी निफ्टेम उपकेंद्र और प्रयागराज निफ्टेम केंद्र की स्थापना पर भी सहमति बनी. इससे पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने घर के पास ही उच्च गुणवत्ता की खाद्य प्रौद्योगिकी शिक्षा उपलब्ध होगी. यह विस्तार योजना उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में राष्ट्रीय अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

उत्तर प्रदेश के लिए क्यों अहम है यह पहल?

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा कृषि उत्पादक राज्य है लेकिन खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में यह अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहा था. स्किल डेवलपमेंट उत्तर प्रदेश की दिशा में यह केंद्र युवाओं को खाद्य उद्योग में उद्यमिता और तकनीकी दक्षता से जोड़ेगा. किसानों की उपज का मूल्य संवर्धन हो सके इसके लिए प्रशिक्षित मानवबल तैयार करना इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य रहेगा.

यह पहल उत्तर प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण नीति को नई दिशा देगी और प्रदेश में निवेश आकर्षित करने में भी सहायक होगी. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं. निफ्टेम प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की प्रयोगशाला और अन्य सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया. क्षेत्रीय खाद्य विश्लेषण केंद्र यानी आर-फ्रैक को भी इस राष्ट्रीय संस्थान की उपग्रह इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा.