उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद बड़ा फैसला, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल टैक्स पर लगी रोक; जानें वजह

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली रोक दी है. सड़क की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया.

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Km Jaya

लखनऊ: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली स्थगित कर दी है. यह निर्णय सड़क की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और हाल में सामने आए सड़क धंसने की घटना के बाद लिया गया है. अब मरम्मत पूरी होने तक इस एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहन चालकों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा.

करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को किया गया था. उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद सड़क के कई हिस्सों में क्षति और पैचवर्क की शिकायतें सामने आने लगीं. विशेष रूप से उन्नाव से लखनऊ जाने वाले मार्ग पर यात्रियों ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सड़क की स्थिति पर चिंता जताई.

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने क्या बताया?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया कि 26 जुलाई को एक्सप्रेसवे के लगभग 64 किलोमीटर बिंदु के पास सड़क धंसने की घटना सामने आई थी. इसके बाद तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया गया और प्रभावित स्थान पर यातायात को दूसरे मार्ग से संचालित किया गया. फिलहाल इस स्थान पर यातायात सुचारु रूप से चल रहा है.


प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक टोल नहीं लिया जाएगा. टोल बंद रहने से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई संबंधित निर्माण कंपनी से की जाएगी.

क्या लिया गया है एक्शन?

मामले में निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है. कंपनी को भविष्य की परियोजनाओं की निविदाओं से अयोग्य घोषित करने का नोटिस जारी किया गया है. साथ ही प्रदर्शन सुरक्षा राशि का दो प्रतिशत तक जुर्माना लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और कंपनी की प्रदर्शन रेटिंग घटाने का प्रस्ताव भी दिया गया है.

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने परियोजना प्रबंधक, स्वतंत्र इंजीनियर टीम के प्रमुख और रेजिडेंट इंजीनियर को परियोजना से हटाकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित परियोजनाओं से दो वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. वर्तमान और पूर्व परियोजना निदेशकों के खिलाफ भी कथित लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है.

और क्या की गई है प्लानिंग?

साथ ही स्वतंत्र इंजीनियर संस्था के खिलाफ भी भविष्य की परियोजनाओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण करने के लिए लेजर प्रोफिलोमीटर से पूरे मार्ग का मूल्यांकन कराया जाएगा. इसके अलावा प्रोफेसर के एस रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम सड़क धंसने के कारणों की जांच कर सुधार के सुझाव देगी.

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.