बिजली बिल अब नहीं बनेगा एड्रेस प्रूफ, नाम और पता हटाने से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी; जानें नया नियम
बिजली विभाग ने सुरक्षा और गोपनीयता के लिए बिजली बिल से नाम और पता हटाने का फैसला लिया है. अब बिजली बिल एड्रेस प्रूफ के रूप में मान्य नहीं रहेगा.
लखनऊ: बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा बदलाव किया है. नए नियम के तहत अब बिजली बिल में उपभोक्ता का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी पूरी तरह दिखाई नहीं देगी. इन कॉलम की जगह अब X अंकित किया जा रहा है.
इसके साथ ही बिजली बिल अब नाम और पते के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा. इस बदलाव का सबसे अधिक असर किराएदारों और नए निवासियों पर पड़ने की संभावना है, जिन्हें बैंक खाता खुलवाने, गैस कनेक्शन लेने और अन्य सरकारी तथा निजी कार्यों के लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता होती है.
बिजली विभाग के अधिकारियों ने क्या बताया?
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह फैसला उपभोक्ताओं की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने और पहचान संबंधी जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने के उद्देश्य से लिया गया है. हालांकि जरूरत पड़ने पर विभाग से पूरी जानकारी वाला बिजली बिल प्राप्त किया जा सकेगा, जिसमें नाम और पता उपलब्ध रहेगा. इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं में इस बदलाव को लेकर भ्रम और नाराजगी देखी जा रही है.
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अब तक बिजली बिल को सबसे आसान और व्यापक रूप से स्वीकार किए जाने वाले एड्रेस प्रूफ के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. लेकिन नए नियम लागू होने के बाद कई जरूरी कार्यों में लोगों को वैकल्पिक दस्तावेजों का सहारा लेना पड़ेगा. खासतौर पर किराए के मकान में रहने वाले लोगों के लिए यह बदलाव नई चुनौतियां लेकर आया है.
मध्यांचल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक ने क्या कहा?
इस बीच मध्यांचल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भागिया ने उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि बिजली बिल, खराब मीटर, नए कनेक्शन या बिजली चोरी से जुड़ी सभी शिकायतों का समय पर समाधान किया जाना जरूरी है. यदि किसी अधिकारी ने शिकायत का फर्जी तरीके से निस्तारण दिखाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के समाधान में भी लापरवाही मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है.
निगम ने यह भी घोषणा की है कि हर महीने मुख्यालय में विशेष उपभोक्ता शिविर लगाया जाएगा. इन शिविरों में नए बिजली कनेक्शन, गलत बिलों में सुधार, लोड बढ़ाने, खराब मीटर बदलने और अन्य समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा. साथ ही अमौसी जोन में मोहनलालगंज और मलिहाबाद में नए कार्यालय खोलने पर भी विचार किया जा रहा है.
बिजली चोरी रोकने के लिए क्या लिया गया फैसला?
बिजली चोरी रोकने के लिए लेसा और विजिलेंस की संयुक्त टीम जल्द ही विशेष अभियान चलाएगी. होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, नर्सिंग होम, उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं की जांच की जाएगी. कटिया लगाकर ई रिक्शा चार्ज करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.