बिहार से घूमने आया युवक वाराणसी के गंगा नदी में डूबा, NDRF के जवानों ने कूदकर बचाई जान
वाराणसी घूमने आए बिहार के नालंदा जिले के 20 वर्षीय युवक रिशुराज गंगा में स्नान कर रहे थे. अचानक वह अनियंत्रित हो गया और गहरे पानी में चला गया. डूबते समय वह जोर-जोर से चीखने लगा. आसपास मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत घाट पर ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ टीम को सूचना दी.
वाराणसी: गंगा नदी के प्रसिद्ध दांडी घाट पर गुरुवार सुबह एक युवक स्नान करते समय डूबने लगा. एनडीआरएफ की टीम की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई.
वाराणसी घूमने आए बिहार के नालंदा जिले के 20 वर्षीय युवक रिशुराज गंगा में स्नान कर रहे थे. अचानक वह अनियंत्रित हो गया और गहरे पानी में चला गया. डूबते समय वह जोर-जोर से चीखने लगा. आसपास मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत घाट पर ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ टीम को सूचना दी.
एनडीआरएफ जवानों ने लगाई छलांग
11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम पहले से ही घाट पर पिकेट और पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थी. सूचना मिलते ही जवान बिना समय गंवाए गंगा में कूद पड़े. उन्होंने तेजी से युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और नदी किनारे ले आए. समय पर की गई इस बचाव कार्रवाई से युवक की जान बच गई.
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बचाए गए युवक की पहचान रिशुराज (20 वर्ष), पुत्र सतीश कुमार पटेल, निवासी नालंदा, बिहार के रूप में हुई है. वह वाराणसी घूमने आया था. एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि टीम की सतर्कता और तेज कार्रवाई के कारण युवक की जान बचाई जा सकी. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं अक्सर लापरवाही से होती हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है.
जल सुरक्षा नियमों का पालन करें
एनडीआरएफ अधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि नदी या किसी भी जलाशय में स्नान करते समय जल सुरक्षा के नियमों का पालन जरूर करें. गहरे पानी में न जाएं, चेतावनी वाले संकेतों को नजरअंदाज न करें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें.
उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और पानी का वेग भी तेज हो जाता है. ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए. जागरूकता और सावधानी ही डूबने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है.