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India Daily

मेरठ से कालका तक रेल सफर होगा आसान, सुल्तानपुर से चलेगी नई सुपरफास्ट ट्रेन; लखनऊ-कानपुर सहित इन स्टेशन पर होगा स्टॉपेज

मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को नई रेल सुविधा मिलने जा रही है. रेलवे बोर्ड ने सुल्तानपुर-कालका के बीच सप्ताह में तीन दिन सुपरफास्ट ट्रेन चलाने की मंजूरी दी है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
मेरठ से कालका तक रेल सफर होगा आसान, सुल्तानपुर से चलेगी नई सुपरफास्ट ट्रेन; लखनऊ-कानपुर सहित इन स्टेशन पर होगा स्टॉपेज
Courtesy: AI

रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. रेलवे बोर्ड ने सुल्तानपुर से कालका के बीच नई सुपरफास्ट ट्रेन चलाने को मंजूरी दे दी है. यह ट्रेन लखनऊ, कानपुर और मेरठ समेत कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी. सप्ताह में तीन दिन चलने वाली इस ट्रेन से मध्य उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा. रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे के अधिकारियों को इसके संचालन की तारीख जल्द तय करने के निर्देश दिए हैं. ट्रेन का समय और प्रमुख ठहराव भी निर्धारित कर दिए गए हैं.

रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की पिछले महीने हुई बैठक में इस नई ट्रेन के संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई थी. दो दिन चली बैठक के बाद इसका प्रस्तावित समय तय किया गया. ट्रेन सुल्तानपुर से मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को रवाना होगी, जबकि कालका से बुधवार, शुक्रवार और रविवार को इसका संचालन किया जाएगा. इससे यात्रियों को सप्ताह में तीन दिन दोनों दिशाओं में यात्रा की सुविधा मिलेगी.

मेरठ पहुंचने का समय तय

ट्रेन संख्या 22260 सुल्तानपुर से सुबह 11:30 बजे रवाना होगी. यह शाम 7:20 बजे हाथरस और रात 11:05 बजे मेरठ सिटी पहुंचेगी. इसके बाद ट्रेन अगले दिन सुबह 4:20 बजे कालका पहुंचेगी. वापसी में कालका से ट्रेन सुबह 11:30 बजे चलेगी और शाम 4:35 बजे मेरठ सिटी पहुंचेगी. सुल्तानपुर पहुंचने का समय अगले दिन सुबह 4:20 बजे निर्धारित किया गया है.

कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी

नई ट्रेन के रास्ते में कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल किए गए हैं. सुल्तानपुर के बाद मुसाफिरखाना, महाराजा बिजलीपासी, हैदरगढ़, लखनऊ, उन्नाव और कानपुर में ठहराव होगा. इसके बाद ट्रेन बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ होते हुए मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और अंबाला कैंट पहुंचेगी. आगे इसका अंतिम ठहराव कालका रहेगा. इस मार्ग से अलग-अलग क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा संपर्क मिलेगा.

आधुनिक कोचों से होगा सफर

ट्रेन में एलएचबी कोच लगाए जाएंगे. ये कोच जर्मन तकनीक पर आधारित हैं और पारंपरिक कोचों की तुलना में हल्के तथा अधिक सुरक्षित माने जाते हैं. इनकी डिजाइन तेज गति वाली रेल सेवाओं के लिए तैयार की गई है. रेलवे के अनुसार एलएचबी कोच 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति के लिए सक्षम होते हैं. इससे यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर मिलने की उम्मीद है.

संचालन की तारीख जल्द होगी तय

नई ट्रेन को मंजूरी मिलने के बाद अब यात्रियों की नजर इसके वास्तविक संचालन की तारीख पर है. रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे को जल्द तारीख निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं. ट्रेन शुरू होने के बाद मेरठ के अलावा लखनऊ, कानपुर, हापुड़, सहारनपुर और अंबाला जैसे शहरों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा. सप्ताह में तीन दिन चलने वाली यह सेवा इस रेल मार्ग पर यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है.