बेटे की चाह में लिव इन में आया, फिर मां और पहली पत्नी के साथ मिलकर प्रेमिका की हत्या; खेत में मिला शव
मेरठ के सरधना में गन्ने के खेत से मिले महिला के शव की पहचान शीबा के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक उसके लिव इन पार्टनर सादिक ने अपनी मां, पहली पत्नी और भाई के साथ मिलकर उसकी हत्या की. बेटे को अपने पास रखने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था.
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. सरधना के कुशावली ज्वालागढ़ संपर्क मार्ग के पास 20 अगस्त को गन्ने के खेत में मिले महिला के शव की पहचान भावनपुर निवासी शीबा के रूप में हुई है. पुलिस ने जांच के बाद दावा किया है कि शीबा की हत्या उसके लिव इन पार्टनर सादिक ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर की. पुलिस के मुताबिक सादिक की पहले से शादी हो चुकी थी और उसकी पांच बेटियां थीं. वह बेटे की चाह में शीबा के करीब आया था. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों लिव इन में रहने लगे. पुलिस के अनुसार बच्चों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद इस वारदात की साजिश रची गई.
बेटे की चाह में शीबा के करीब आया सादिक
एसपी देहात के अनुसार शीबा की शादी 2019 में कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर निवासी शाहरुख से हुई थी. दोनों के दो बच्चे थे. उनकी पांच साल की बेटी नबिया और बेटा मोहम्मद साद है. शाहरुख गाजियाबाद की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है. इसी दौरान शीबा की नजदीकियां मोहम्मदपुर लाला निवासी सादिक से बढ़ गईं. सादिक पहले से शादीशुदा था और उसकी पांच बेटियां थीं. पुलिस के मुताबिक बेटे की चाह में सादिक ने शीबा से संबंध बनाए और दोनों लिव इन में रहने लगे. बताया गया है कि रिश्ते की शुरुआत दोनों की ओर से एक दूसरे से अपनी शादी की स्थिति छिपाने के साथ हुई. शीबा ने सादिक को बताया था कि उसका पति मर चुका है. वहीं सादिक ने भी अपनी पत्नी के मरने की बात कही थी.
कोर्ट मैरिज का भी किया गया था दावा
शीबा के भाई जुनैद के अनुसार दोनों ने इसी आधार पर कोर्ट मैरिज भी कर ली थी. हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इस कथित कोर्ट मैरिज से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले हैं. मामला उस समय और उलझ गया जब शीबा और सादिक के बीच बच्चों को लेकर विवाद शुरू हुआ. पुलिस के मुताबिक सादिक शीबा के पहले पति से हुए बेटे मोहम्मद साद को अपने पास रखना चाहता था, जबकि शीबा चाहती थी कि उसके दोनों बच्चे उसके साथ रहें.
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पुलिस के अनुसार हत्या वाले दिन सादिक शीबा को कार से जानी क्षेत्र की ओर ले जा रहा था. शीबा ने अपने भाई जुनैद को फोन करके बताया था कि सादिक उसे देहरादून ले जाने की बात कह रहा है. लिस का कहना है कि कार में सादिक की मां वसीला, पहली पत्नी आसिया और भाई शादाब भी मौजूद थे. रास्ते में शीबा और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि इसी दौरान सादिक ने कार में शीबा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर ईंट से कई वार किए गए.
गन्ने के खेत में फेंका शव
हत्या के बाद आरोपियों ने शीबा के शव को सरधना क्षेत्र में कुशावली ज्वालागढ़ संपर्क मार्ग के पास गन्ने के खेत में फेंक दिया. 20 अगस्त को खेत से महिला का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी. जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान शीबा के रूप में की. इसके बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की. पुलिस की जांच में सादिक और उसके परिवार के सदस्यों पर हत्या में शामिल होने का आरोप सामने आया.