महाकुंभ से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला, 15 दिसंबर से प्रयागराज में शुरू होगी 'पिंक टैक्सी', ओला और उबर को लगा झटका!
Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेला 2025 से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने हरित महाकुंभ को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक ऑनलाइन ई-रिक्शा और ई-ऑटो बुकिंग पोर्टल शुरू करने का निर्णय लिया है.
Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है. 15 दिसंबर से प्रयागराज में ‘पिंक टैक्सी’ सेवा शुरू की जाएगी, जो ओला और उबर जैसी सेवाओं को टक्कर देगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने यह कदम महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए उठाया है.
महाकुंभ के लिए 45 करोड़ श्रद्धालुओं की उम्मीद
महाकुंभ मेले का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा, जिसमें देश-विदेश से लगभग 45 करोड़ श्रद्धालु शामिल होने की संभावना है. इस भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए परिवहन सेवाओं को व्यवस्थित और किफायती बनाने पर विशेष जोर दिया गया है.
इन जगहों पर उपलब्ध होगी सेवा
पिंक टैक्सी सेवा ओला और उबर के समान ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम पर आधारित होगी. यह सेवा विशेष रूप से महिलाओं द्वारा चलाई जाएगी, जिससे न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि यात्रियों की सुरक्षा का स्तर भी ऊंचा होगा. टैक्सियां तय किराए पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख होटलों पर उपलब्ध होंगी.
ग्रीन महाकुंभ पर फोकस
यह पहल राज्य सरकार के "ग्रीन महाकुंभ" अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ और स्थायी वातावरण को बढ़ावा देना है. इस सेवा में केवल ई-वाहनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सकेगा. इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए गूगल वॉइस असिस्टेंस जैसी तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे भाषा संबंधी किसी भी समस्या को हल किया जा सके.
सरकार ने मेले के दौरान परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अन्य प्रयास भी किए हैं. 7,000 रोडवेज बसें और 550 शटल बसें चलाने की योजना है. इसके साथ ही, भारतीय रेलवे भी 3,000 ट्रेनों का संचालन करेगा, जिनमें 1,000 अतिरिक्त ट्रेनें शामिल होंगी.
निजी क्षेत्र का लिया जा रहा सहयोग
इस योजना को सफल बनाने के लिए निजी परिवहन प्रदाताओं और स्टार्टअप कंपनियों का सहयोग लिया जा रहा है. ओम्फी ई-मोबिलिटी नामक एक स्टार्टअप इस परियोजना को नेतृत्व प्रदान कर रहा है. उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सेवाएं प्रदान की जाएं.