कौन है लखनऊ का 'नीला ड्रम राक्षस' अक्षत प्रताप सिंह? पिता के शव को टुकड़ों में बांटते वक्त नहीं कांपे हाथ

लखनऊ के आशियाना इलाके में 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने NEET की तैयारी पर पिता के दबाव से तंग आकर 20 फरवरी की सुबह लाइसेंसी राइफल से पिता मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या कर दी.

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Reepu Kumari

लखनऊ: पिता का सबसे बड़ा सपना होता है संतान का उज्ज्वल भविष्य, लेकिन कभी-कभी यही सपने इतना भारी बोझ बन जाते हैं कि रिश्ते टूटने लगते हैं. लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. 21 साल का अक्षत प्रताप सिंह ने आवेश में आकर अपने पिता की हत्या कर दी. हत्या करने के बाद शव को टुकड़ों के बांटा और इस हत्या को छुपाने के लिए खौफनाक तरीका भी अपनाया. पूरी दुनिया जानना चाहती है कि अपने ही पिता की जान लेने वाला हत्यारा कौन है. 

पहले पिता ने तानी राईफल

अक्षत टीएस मिश्रा कॉलेज से बीकॉम कर रहा था, दो बार NEET में असफल रहा. पिता मानवेंद्र सिंह, जो वर्धमान पैथोलॉजी लैब और शराब की दुकानों के मालिक थे, बेटे को डॉक्टर बनाकर परिवार का बिजनेस संभालवाना चाहते थे. खबरों की मानें तो वारदात की रात करीब 2 बजे दोनों के बीच जोरदार बहस हुई थी.  पहले गुस्से में पिता ने पुत्र पर लाइसेंसी राईफल तान दी. इसके बाद सुबह करीब 4:30 बजे अक्षत ने लाइसेंसी राईफल से पिता के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी.

पिता को मारी गोली  

इसी जिद और लगातार तानों से परेशान अक्षत ने 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता को गोली मार दी.  यह घटना सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि एक परिवार की पूरी तबाही की कहानी है. पत्नी के 2018 में निधन के बाद अकेले बच्चों का पालन-पोषण कर रहे मानवेंद्र का इकलौता बेटा ही उनका सहारा था. अक्षत ने हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने की ठानी, बहन को डराकर चुप रखा और खुद थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट लिखवा दी. पुलिस की सतर्क जांच ने सारा सच उजागर कर दिया. यह मामला पढ़ाई के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी का खतरनाक नतीजा है. 

करियर बना काल 

पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी की तड़के पिता-पुत्र में NEET और करियर को लेकर जोरदार बहस हुई. गुस्से में अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और सिर में गोली मार दी. मौत मौके पर ही हो गई. अक्षत ने शव को तीसरे तल से नीचे घसीटा, आरी से टुकड़े किए. हाथ-पैर सदरौना इलाके में फेंके गए, जबकि धड़ को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से भर दिया. बिस्तर, चादर और खून से सने सामान को अमौसी ले जाकर जला दिया.

बहन को किया कमरे में बंद 

घटना के वक्त 17 साल की बहन कृति (11वीं की छात्रा) घर में सो रही थी. गोली की आवाज सुनकर वह आई तो अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चार दिन तक कमरे में बंद रखा. कृति अब गहरे सदमे में है, पुलिस ने उसकी काउंसलिंग शुरू कराई है. पड़ोसियों के संदेह पर सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची, तीसरे तल पर खून के निशान और नीला ड्रम देखकर जांच तेज हुई.

बेटे ने की हत्या की बात कबूल

पूछताछ में अक्षत टूट पड़ा और हत्या कबूल ली. उसने बताया कि दो बार NEET फेल होने के बाद पिता के ताने और दबाव से तंग था. वह बिजनेस में रुचि रखता था, लेकिन पिता पैथोलॉजिस्ट बनने पर अड़े थे. गोमती नदी में शव फेंकने की योजना थी, लेकिन वजन ज्यादा होने से टुकड़े किए. पुलिस ने राइफल, गोलियां और अन्य सबूत जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजी है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

यह कांड NEET जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव को उजागर करता है. कई युवा तनाव में डूब जाते हैं, लेकिन परिवार में खुली बातचीत की कमी से हालात बिगड़ जाते हैं. अक्षत ने पहले मां को सुसाइड बताया था, लेकिन जांच में झूठ पकड़ा गया. पुलिस ने पता लगाया कि चार महीने पहले अक्षत ने घर से गहने चुराए थे, जिस पर पिता नाराज थे और नजर रख रहे थे.

डीसीपी विक्रांत वीर ने बताया कि आरोपी ने अपराध पूरी तरह कबूल कर लिया है. आगे की जांच जारी है. यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चों पर करियर का बोझ उनकी रुचि और मानसिक स्थिति को देखते हुए डाला जाए. खुली बातचीत, काउंसलिंग और तनाव मुक्ति जरूरी है. एक परिवार पूरी तरह बिखर गया है, लेकिन इससे मिलने वाला सबक सभी के लिए महत्वपूर्ण है.