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पिता के टुकड़े करने वाला बेटा कैसे फंसा पुलिस के जाल में? यहां जानें पूरा अपडेट

लखनऊ के आशियाना इलाके में बेटे ने अपने पिता को टुकड़ों में बांटकर उनके धर को ड्रम में भर दिया. हालांकि सबूत मिटाने के पूरे इंतजाम किए गए थे, फिर भी पुलिस ने उसे दबोच लिया. आइए जानते हैं कैसे हुए इसका खुलासा

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Shanu Sharma

लखनऊ का पॉश इलाका उस वक्त खूनी खेल का मैदान बन गया, जब अपने ही बेटे ने पिता को घर के अंदर कई टुकड़ों में काट दिया. बच्चों के लिए उसके पिता भगवान की तरह होते हैं, लेकिन इस मामले ने बाप-बेटे के रिश्ते पर भी सवाल खड़ा कर दिया है.  21 साल के इकलौते बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया. 

अक्षत ने ‘श्रद्धा’ और ‘सौरभ हत्याकांड’ की तरह अपने पिता के शरीर के टुकड़े कर दिए और इसके बाद उनके शव को काफी चालाकी से ठिकाना लगाने की कोशिश की. हालांकि वह अपनी योजना में सफल नहीं हो पाया क्योंकि पुलिस को इस बारे पता चल गया.  तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या हुआ?

क्या है पूरा मामला?

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मानवेंद्र अपने बेटे को पढ़ाकर डॉक्टर बनना चाहते थे. बेटा दो साल से तैयारी भी कर रहा था लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी. पिता की ओर से पढ़ाई को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा था, इसी बीच एक दिन पिता और बेटे में तनाव इतना बढ़ गया कि मानवेंद्र ने बेटे पर अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी. इस दौरान हाथापाई में बेटे ने पिता के सिर पर गोली मार दी.  जब दोनों के बीच यह सब चल रहा था तब घर में केवल अक्षत की छोटी बहन मौजूद थी, मां का कुछ सालों पहले निधन हो चुका था. अपने आंखों के सामने अपने पिता को मरता देख 11वीं में पढ़ने वाली लड़की कृति के होश उड़ गए. लेकिन अक्षत ने अपनी सगी बहन को धमकाया कि अगर बाहर किसी को कुछ पता चला तो वह उसे भी मार देगा. 

पुलिस के सामने कैसे खुली पोल?

पिता की हत्या करने के बाद अक्षत बाहर से एक इलेक्ट्रॉनिक आरी और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा. इसके बाद अपने पिता के शव को तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर घसीट कर लाया. हाथ पैर काटकर सदरौना इलाके में फेंक दिया, वहीं धड़ को नीले ड्रम में भरकर एसिड से गलाने की कोशिश की. इतना ही नहीं खून से सने कपड़ों को जलाकर खाक कर दिया. खुद को बचाने के लिए पूरे प्लान तैयार थे.

किसी को शक ना हो इसके लिए पुलिस में पिता की गुमशुदगी का भी मामला दर्ज करवाया. लेकिन लगातार अपना बयान बदलता रहा, जिसकी वजह से पुलिस को शक हुआ. कभी पिता के बारे में बताता कि उन्होंने सुसाइड कर लिया तो कभी कहता कि घर छोड़कर चले गए. हालांकि जब स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाया तो पिता के करीबी दोस्त सोनू के पास जाकर कहा कि पापा ने सुसाइड कर लिया. लेकिन जब सोनू ने उससे सख्त को सवाल किया तो फूट-फूट कर रोने लगा और अपनी सारे जुर्म को कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो घर में ड्रम के अंदर मानवेंद्र का धड़ मिला. अब इस घर में केवल अक्षत की छोटी बहन बची है, जो की सदमे में है.