Nagina Lok Sabha Seat 2024: अबकी बार किसकी अंगूठी में सजेगा 'नगीना', कोई नहीं समझ पाया इसका मिजाज?
Nagina Lok Sabha Seat : उत्तर प्रदेश में 2009 में बनी नगीना लोकसभी सीट एक बार फिर चर्चा में आ गई है. इसके दो वजहें हैं, जिसमें पहली कि हर बार यहां के लोग अपने नेता बदल देते हैं और दूसरी कि आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद ने इस सीट से नामांकन भर दिया है.
Nagina Lok Sabha Seat : उत्तर प्रदेश के बिजनौर की नगीना लोकसभा सीट पर चुनावी सुगबुगाड़ तेज होती दिखने लगी है. साल 2009 में बनी नगीना लोकसभा सीट का मिजाज भापना नेताओं ने शुरू कर दिया है. लेकिन नगीना के दिल में क्या है इसकी भनक किसी को नहीं लगती है. यहां की जनता हर बार नया नेता चुनती है और पुराने को खारिज कर देती है.
यू कहिए कि अभी तक का नगीनी का मिजाज या रिवाज ऐसा ही रहा है. इस सीच पर तीन बार हुए चुनाव में अब तक एक-एक बार भाजपा- सपा- बसपा की इस सीट पर जीत मिली है.
वेस्ट यूपी की नगीना लोकसभा सीट परएक बार फिर से चुनावी लड़ाई दिलचस्प हो गई है. आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण ने आज 21 मार्च को नगीना सुरक्षित सीट से नामांकन भर दिया है. बीजेपी से इस सीट से ओम कुमार और इंडिया गठबंधन से समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार उम्मीदवार होंगे. 2019 लोकसभा चुनाव में यह सीट बसपा के खाते में गई थी. यहां से गिरीश चंद्र सांसद बने थे.
अबकी बार किनके बीच होगी लड़ाई
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण ने आज 21 मार्च को नगीना सुरक्षित सीट से नामांकन भर दिया है. भाजपा ने अपने नहटौर विधानसभा के विधायक ओम कुमार पर बाजी लगाई है वहीं सपा- कांग्रेस गठबंधन से पूर्व न्यायिक अधिकारी मनोज कुमार मैदान में है उतार दिया है.
नगीना लोकसभा सीट का इतिहास
इस सीट पर पहली बार लोकसभा के लिए 2009 में चुनाव हुए थे. तब समाजवादी पार्टी ने यशवीर सिंह धोबी इस सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था. यशवीर ने बसपा प्रत्याशी सेवानिवृत्त आईएएस आरके सिंह को चुनावी मैदान में शिकस्त दी थी. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में नगीना की जनता ने भाजपा प्रत्याशी मेरठ निवासी डॉक्टर यशवंत सिंह चुन कर लोकसभा भेजा था. इस चुनाव में सपा के यशवीर सिंह धोबी को हार का सामना करना पड़ा था. वहीं अगले चुनाव यानी 2019 में नगीना की जनता ने फिर अपना नेता बदल दिया. अबकी बार बसपा के गिरीश चंद को जिताकर देश की संसद में भेज दिया. इस चुनाव में भाजपा के डॉक्टर यशवंत सिंह को हार का सामना करना पड़ा था.
सब अंगूठी में नगीना फिट करने को उतावले
आम चुनाव 2009, 2014 और 2019 के चुनाव में सपा- भाजपा व बसपा का जीत का रिकॉर्ड एक-एक से बराबरी पर है. नगीना के इस मिजाज को देखकर सभी दल इस बार यहां जीत के लिए अपने- अपने तरीके से नई तरह से कोशिश कर रहे हैं.
2009 का परिणाम
यशवीर सिंह धोबी, सपा, मिले वोट 234815
आर के सिंह, बसपा, मिले वोट 175127.
2014 का परिणाम
डॉक्टर यशवंत सिंह, भाजपा, मिले वोट-367825
यशवीर सिंह धोबी, सपा, मिले वोट-275435.
2019 का परिणाम
गिरीश चंद, बसपा, मिले वोट- 568378
डॉ यशवंत सिंह, भाजपा, मिले वोट-401546.
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