निक्की का सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़ा पूरा परिवार! छोड़ गई प्यार की आखिरी निशानी
कानपुर में रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी से जूझ रही विवाहिता ने आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में उसने पति और ससुराल के प्रति गहरा प्रेम जताते हुए बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी.
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद भावुक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया. रावतपुर क्षेत्र में रहने वाली एक विवाहिता ने लंबे समय से चल रही रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी और उससे जुड़े असहनीय दर्द से परेशान होकर अपनी जान दे दी. पीछे छोड़े गए सुसाइड नोट में उसने किसी पर आरोप लगाने के बजाय अपने पति, सास-ससुर और पूरे परिवार के प्रति गहरा सम्मान और प्रेम व्यक्त किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
बीमारी से संघर्ष और भावुक सुसाइड नोट
रावतपुर के गगन विहार निवासी वैष्णवी उर्फ निक्की ने आत्महत्या से पहले एक विस्तृत सुसाइड नोट लिखा. इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें जीवनभर साथ निभाने का वादा तोड़ने का दुख है, लेकिन बीमारी और लगातार बढ़ते दर्द ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था. उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों की तारीफ करते हुए लिखा कि हर किसी को ऐसा परिवार नहीं मिलता. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस फैसले के लिए परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है. पुलिस को मौके से यह सुसाइड नोट मिला है, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है.
परिवार ने इलाज में नहीं छोड़ी कोई कमी
परिजनों के अनुसार निक्की लंबे समय से रीढ़ की हड्डी की गंभीर समस्या से जूझ रही थीं. इलाज के लिए परिवार ने कानपुर से लेकर दिल्ली तक चिकित्सकों से संपर्क किया और हर संभव प्रयास किया. उनके पति रेलवे में कार्यरत हैं और लगातार उनका साथ देते रहे. सुसाइड नोट में निक्की ने अपनी कुछ निजी वस्तुएं परिवार के सदस्यों के लिए छोड़ने की इच्छा भी जताई. उन्होंने अपनी स्कूटी और जेवर भविष्य में देवर की होने वाली पत्नी को देने की बात लिखी, जबकि अपना मोबाइल फोन सास के लिए सुरक्षित रखने का भी उल्लेख किया.
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पुलिस जांच में जुटी, परिवार सदमे में
घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है. मृतका का एक छोटा बेटा भी है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच और सुसाइड नोट से यह संकेत मिलता है कि विवाहिता लंबे समय से बीमारी और उससे जुड़ी परेशानियों के कारण मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं. फिलहाल किसी भी परिजन की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
नोट- यदि आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो कृपया परिवार, किसी भरोसेमंद व्यक्ति या स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें. समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है.