कानपुर कबराई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, बुंदेलखंड की रफ्तार को मिलेगा नया इंजन

उत्तर प्रदेश को 7,145 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली कानपुर-कबराई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना की सौगात मिली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे क्षेत्रीय विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण फैसला बताया.

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Meenu Singh

उत्तर प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने कानपुर से कबराई तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग को मंजूरी दे दी है. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह परियोजना प्रदेश के विकास को नई गति देगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली इस स्वीकृति को बुंदेलखंड और कानपुर क्षेत्र की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया.

7,145 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,145 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी दी है. प्रस्तावित राजमार्ग की लंबाई 117.7 किलोमीटर होगी और इसे 4/6 लेन एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा.

इकोनॉमिक कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती

यह परियोजना भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है. मुख्यमंत्री के अनुसार यह मार्ग पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार किया जाएगा. इसके जरिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और कानपुर रिंग रोड के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा.


औद्योगिक निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि नई सड़क परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेश आकर्षित होगा और उद्योगों के लिए परिवहन व्यवस्था पहले से अधिक सुगम बनेगी. इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है.

आवागमन होगा अधिक आसान

नई एक्सप्रेसवे परियोजना पूरी होने के बाद कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी. एक्सेस-नियंत्रित सड़क होने के कारण यातायात व्यवस्थित रहेगा और लंबी दूरी तय करने में कम समय लगेगा. इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है.

मुख्यमंत्री ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को मजबूत करने वाला निर्णय बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना प्रदेश के समग्र विकास, बेहतर बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी. साथ ही उन्होंने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया.