'पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय', अयोध्या पहुंचे राम मंदिर के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर के पहले CEO बनने के बाद अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए. उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को अपनी पहली प्राथमिकता बताया.
राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्रा गुरुवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे. अयोध्या पहुंचने के बाद उनका पहला पड़ाव राम मंदिर रहा, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए. इसके बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों से मुलाकात की.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मिश्रा ने कहा कि अब बीती बातों को पीछे छोड़कर मंदिर की व्यवस्थाओं को आगे ले जाने का समय है. उन्होंने श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया.
नई जिम्मेदारी को लेकर क्या बोले जितेंद्र मिश्रा?
जितेंद्र मिश्रा ने अपने चयन के लिए चयन समिति और भगवान श्रीराम के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास करेंगे. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से चलें, इस पर विशेष ध्यान रहेगा.
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जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में की गई. बैठक में संगठन के भीतर जिम्मेदारियों में भी बदलाव हुआ. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को महासचिव बनाया गया है. वहीं, नए सदस्य महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इसके अलावा ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को जगह मिली है. इनमें महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं. निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं. ये बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े मामले के बाद हुए हैं. मामले में आठ आरोपी जेल में हैं. इसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था.
रामलला की पूजा व्यवस्था में भी आएगा बदलाव
मंदिर की दैनिक पूजा व्यवस्था को भी नए तरीके से संचालित करने की तैयारी है. रामलला के सुबह जागरण से लेकर रात में शयन तक होने वाली आरती और भोग के समय पारंपरिक पदों का गायन कराया जाएगा. इसके लिए गायकों का चयन भी किया जा चुका है. नई व्यवस्था जल्द शुरू होने की संभावना है. इसे जन्माष्टमी के अवसर से लागू करने की तैयारी है. नए परिधान में पीले रंग के रेशमी वस्त्र होंगे.